री-नीट 2026 की तैयारी को लेकर सिंथेसिस में दो दिवसीय मोटिवेशनल कार्यशाला संपन्न
री-नीट 2026 की तैयारी को लेकर सिंथेसिस में दो दिवसीय मोटिवेशनल कार्यशाला संपन्न
बीकानेर। री-नीट को लेकर विद्यार्थियों के मन में उत्पन्न तनाव, असमंजस और मानसिक दबाव को ध्यान में रखते हुए सिंथेसिस द्वारा दो दिवसीय विशेष प्रेरक एवं रणनीतिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया तथा विशेषज्ञों से परीक्षा की तैयारी, मानसिक संतुलन और समय प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त किया।
कार्यशाला में सिंथेसिस के अकादमिक निदेशक डॉ. श्वेत गोस्वामी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि री-नीट को केवल दोबारा परीक्षा के रूप में नहीं बल्कि स्वयं को बेहतर सिद्ध करने के अवसर के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को मानसिक रूप से सुदृढ़ रहने, अत्यधिक चिंतन से बचने तथा कम समय में प्रभावी तैयारी करने के व्यावहारिक तरीके समझाए। डॉ. गोस्वामी ने बताया कि लगातार नकारात्मक सोच, परिणामों की चिंता और दूसरों से तुलना विद्यार्थियों की एकाग्रता को कमजोर करती है। उन्होंने विद्यार्थियों को “एक दिन – एक लक्ष्य” रणनीति अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित कर नियमित अभ्यास करने से आत्मविश्वास स्वतः बढ़ता है। उन्होंने विषयवार तैयारी की रणनीति समझाते हुए बताया कि जीवविज्ञान में एनसीईआरटी आधारित बार-बार पुनरावृत्ति, भौतिकी में सीमित लेकिन गुणवत्तापूर्ण प्रश्न अभ्यास तथा रसायन विज्ञान में अवधारणा और पुनरावृत्ति आधारित अध्ययन सबसे अधिक प्रभावी रहेगा।
सिंथेसिस के निदेशक प्रबंधन मनोज बजाज ने विद्यार्थियों को उनके संभावित अंकों और वर्तमान तैयारी स्तर के अनुसार दैनिक अध्ययन कार्यक्रम तैयार करने की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिन विद्यार्थियों के अंक अपेक्षाकृत कम आ रहे हैं उन्हें पहले कमजोर अध्यायों पर कार्य करना चाहिए, जबकि अच्छे अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शुद्धता, पुनरावृत्ति तथा परीक्षण विश्लेषण पर अधिक ध्यान देना चाहिए। उन्होंने अध्ययन समय, अभ्यास परीक्षा योजना, त्रुटि डायरी तथा पुनरावृत्ति चक्र को व्यवस्थित ढंग से लागू करने पर विशेष जोर दिया।
सिंथेसिस के प्रशासकीय निदेशक जेठमल सुथार ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में हर चुनौती अपने साथ एक नया अवसर लेकर आती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे निराशा या डर में समय व्यर्थ न करें, बल्कि पिछली तैयारी में जो कमियां रह गई थीं उन्हें सुधारकर री-नीट में अपने सपनों को साकार करने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि सही दिशा, अनुशासन और सकारात्मक मानसिकता के साथ कम समय में भी उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
संगोष्ठी के दौरान विद्यार्थियों के साथ संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी समस्याएं, डर और अध्ययन संबंधी प्रश्न विशेषज्ञों के सामने रखे। विशेषज्ञों ने प्रत्येक समस्या का व्यवहारिक समाधान देते हुए विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बनाए रखने की सलाह दी।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने संगोष्ठी को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें नई ऊर्जा, स्पष्ट रणनीति और मानसिक मजबूती प्राप्त हुई है, जिससे वे री-नीट की तैयारी अधिक व्यवस्थित और सकारात्मक तरीके से कर पाएंगे।
सिंथेसिस प्रबंधन द्वारा यह भी जानकारी दी गई कि री-नीट की तैयारी को और अधिक व्यवस्थित एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए विशेष परीक्षण शृंखला भी आयोजित की जा रही है। इस परीक्षण शृंखला में नवीन परीक्षा पैटर्न के अनुरूप विषयवार तथा पूर्ण पाठ्यक्रम आधारित परीक्षाएं करवाई जाएंगी, जिससे विद्यार्थी कम समय में अपनी तैयारी का वास्तविक मूल्यांकन कर सकें। प्रत्येक परीक्षा के बाद विस्तृत विश्लेषण, त्रुटि सुधार मार्गदर्शन तथा समय प्रबंधन पर विशेष चर्चा भी की जाएगी, ताकि विद्यार्थी अपनी कमजोरियों को पहचानकर उनमें शीघ्र सुधार कर सकें।
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