बीकानेर: पंजाब ने दिया पानी का झटका, अब किसानों की बारी पिट रही
बीकानेर: पंजाब ने दिया पानी का झटका, अब किसानों की बारी पिट रही
बीकानेर। पश्चिमी राजस्थान में फसलें पकाव पर हैं और ऐसे में अचानक से पंजाब ने राजस्थान के किसानों को पानी का जोर का झटका दिया है। इसका असर हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर से लेकर बीकानेर और जैसलमेर तक पहुंचा है। जैसलमेर में तो पानी की मांग को लेकर किसान धरने तक आ गए। दरअसल इन दिनों गेहूं, जौ, चना, सरसों समेत रबी की तमाम फसलें पकाव हैं।पछेती फसलों को आखिरी पानी की जरूरत है। उसके लिए पानी की मांग भी बढ़ गई। किसानों को 3 समूह की बारी में पानी मिल रहा है मगर बीते एक सप्ताह से पानी का ऐसा झटका लगा कि किसान तिलमिला गया। किसानों की बारियां पिट गई। वो भी ऐसे मौके पर जब फसलों को आखिरी पानी चाहिए। पानी कम मिलने की वजह पंजाब की सरहिंद फीडर की मरम्मत बताई जा रही है। दरअसल पंजाब इन दिनों सरहिंद फीडर की मरम्मत कर रहा है। इसलिए वो नहर पूरी तरह खाली करनी पड़ी। क्योंकि दोनों नहरें बराबर पर चलती है इसलिए दूसरी नहर में पानी का ज्यादा दबाव दिया नहीं जा सकता इसलिए पंजाब ने राजस्थान फीडर में अचानक पानी कम कर दिया। इतना कम कर दिया।
राजस्थान को तीन समूह के लिए 7600 क्यूसेक की जगह आधा ही पानी मिला। 3हजार से 3500 क्यूसेक के करीब ही पानी मिला। ऐसे में बारियां पिटनी थी। कई दिनों तक बारियां पिटने का असर ये हुआ कि किसान सड़क पर आ गया क्योंकि पूरी मेहनत के बाद जब फसल पकाव पर हो और उस वक्त पानी कम होने से फसलें सूखती हैं तो किसान की पूरी मेहनत बेकार जाती है। हालांकि गुरुवार से पानी की स्थिति में सुधार तो हुआ है मगर हरिके से छोड़े गए पानी का तत्काल असर अंतिम छोर तक नहीं होता। धीरे-धीरे असर होना शुरू तो हुआ मगर पूरी तरह होने में दो-चार दिन और लगेंगे।
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