ऑन-ड्यूटी टिकट चेकिंग स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार एवं सरकारी कार्य में बाधा की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग
ऑन-ड्यूटी टिकट चेकिंग स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार एवं सरकारी कार्य में बाधा की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग
इंडियन रेलवे टिकट चेकिंग स्टाफ आर्गेनाईजेशन ने लगाए टिकट चेकिंग स्टाफ जिंदाबाद के नारे
बीकानेर। इंडियन रेलवे टिकट चेकिंग स्टाफ आर्गेनाईजेशन की ओर से साेमवार काे मण्डल रेल प्रबंधक (वाणिज्य), उत्तर पश्चिम रेलवे (एनडबल्यूआर), बीकानेर काे ज्ञापन प्रेषित कर ऑन-ड्यूटी टिकट चेकिंग स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार एवं सरकारी कार्य में बाधा की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की गयी है। इस अवसर पर बीकानेर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 पर टिकट चेकिंग स्टाफ जिंदाबाद के नारे भी लगाए गए।
इस माैके पर डीसीटीआई जगदेव सिंह रंधावा व आर्गेनाईजेशन के सचिव नीलेंद्र कुमार, सीटीआई नूतन कुमार पटपटिया, सुनील कुमार शादी, श्याम सिंह, भाेजराज मारु, भंवरलाल चाैधरी, टीटीआई विजय सिंह यादव, मघाराम, ओमप्रकाश, तरुण कुमार, इरफान अली, रजाक अली, हीरालाल सुथार, साजन, लक्ष्मण सिंह राठाैड़, बलवान सिंह, देवकिशन, नत्थूलाल मीणा, गजेंद्र सिंह सहित अनेक माैजूद थे।
डीसीटीआई जगदेव सिंह रंधावा व आर्गेनाईजेशन के सचिव नीलेंद्र कुमार ने संयुक्त रुप से बताया कि बीते दिनाें मंडल के भिवानी स्टेशन पर टीटीआई हिसार बजरंगलाल के साथ ऑन ड्यूटी चेकिंग के दाैरान ट्रेन मैनेजर मुकेश कुमार द्वारा टिकट चेकिंग के कार्य में बाधा पैदा की गयी, जिससे गाड़ी के अन्य यात्रियों की टिकट जांच का कार्य प्रभावित हुआ तथा रेल राजस्व की हानि हुई। साथ ही ट्रेन मैनेजर ने सार्वजनिक रूप से टीटीई स्टाफ को "चोर" संबोधित किया और भद्दी गालियां दीं, जिससे टिकट चेकिंग कर्मचारियों की छवि धूमिल हुई है। ट्रेन मैनेजर द्वारा सार्वजनिक रूप से किया गया कार्य व्यवहार रेल आचरण नियम 1966 के नियम 3(i),3(ii)3(iii) व 3ए के अनुकूल नहीं था तथा उनके इस कृत्य से ऐसी परिस्थितयां उत्पन्न हुई जिससे रेलवे की छवि धूमिल हुई। इस घटना के बाद दोनों पक्षों में लिखित रूप से आपसी राजीनामा भी हो गया है परंतु ट्रैन मैनेजर एसोसिएशन द्वारा मामले को उछाला जा रहा है, यदि जांच शुरू करनी है तो मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्हाेंने बताया कि रेलवे वाणिज्य नियमावली के नियमानुसार सभी रेलवे कर्मचारियों का दायित्व है कि रेल राजस्व की होने वाली हानि को यथा संभव रोकने का प्रयास करेंगे, परंतु ट्रेन मेनेजर द्वारा रेल राजस्व वसूलने में टीटीई की मदद न कर रेल राजस्व की हानि कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का अशोभनीय कार्य किया हैI यह घटना न केवल एक कर्मचारी का अपमान है, बल्कि रेलवे के समस्त टिकट चेकिंग कर्मचारियों के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली घटना है। टिकट चेकिंग आर्गेनाईजेशन मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग करता है। यदि इस प्रकार के व्यवहार पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो इससे चेकिंग स्टाफ का मनोबल गिरेगा और ट्रेनों में असुरक्षा का वातावरण बनेगा। हमें पूर्ण विश्वास है कि हमें न्याय प्रदान किया जाएगा, ताकि इस तरह की घटनाएं भविष्य में न घटित हों।
सीटीआई सुनील कुमार शादी ने कहा कि चेकिंग स्टाफ ने आज तक ट्रेन मैनेजर की ड्यूटी में व्यवधान नही किया, ना ही ड्यूटी के दाैरान उनके कोच में जाकर चेन पुलिंग नही की फिर भी ट्रेन मैनेजर चेकिंग स्टाफ की ड्यूटी में व्यवधान क्यों करते है, सभी की ड्यूटी की अपनी-अपनी जिम्मेदारी है, चैकिंग स्टाफ ट्रेन में समस्या होती है तो सर्व प्रथम गार्ड को जो ट्रेन मैनेजर नामित किया गया है, सदैव गार्ड की ड्यूटी को विशेष मानकर शालीनता से समस्या को अवगत करवाते है, ना कि गलत तरीके से। चेकिंग स्टाफ रेल आय को बढ़ाने और हर यात्रियों को सुगमता, सुरक्षा और खुश मिजाज से यात्रा सम्पन्न कराने की जिमेवारी से करते है।
यह हुई घटना...
बीते दिनाें 6 मई काे बीकानेर मंडल के भिवानी स्टेशन पर गाड़ी संख्या 12555 (गोरखधाम भटिंडा एक्सप्रेस)में ड्यूटी के दौरान बजरंग लाल, टीटीआई/हिसार (बीकानेर डिवीजन) टिकट चेकिंग ड्यूटी पर तैनात थे। चेकिंग के दौरान उन्होंने दो यात्रियों के साथ एक बच्ची को बिना टिकट यात्रा करते हुए पकड़ा। जब बजरंग लाल ने नियमानुसार किराया एवं जुर्माना वसूलने की प्रक्रिया शुरू की, तो उक्त ट्रेन के ट्रेन मैनेजर ने अनावश्यक रूप से हस्तक्षेप किया तथा यात्रियों को ईएफटी का भुगतान करने से रोका और टीटीई को रसीद न बनाकर केवल ₹200 लेकर मामला रफा-दफा करने का दबाव बनाया।
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