Khulasa Online
TM Jewellers
Sanskar
Breaking
• यहां चुनाव से पहले मुख्य सचिव और डीजीपी को हटाया, 6 अधिकारी बदले; आयोग बोला - ये अफसर चुनाव से दूर रहेंगे • सरकारी हॉस्पिटल में लगी आग, 10 मरीजों की मौत, 11 कर्मचारी भी झुलसे • इस केंद्रीय मंत्री की बेटी ने 10 करोड़ रुपए का मानहानि केस किया, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर एपस्टीन से जुड़े मामलों से जोडऩे का आरोप • होर्मुज तनाव के बीच भारत को राहत, भारतीय जहाज शिवालिक 46 हजार टन गैस लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा, कल नंदा देवी और जग लाडकी शिप पहुंचेंगे • एम्स में इच्छामृत्यु की प्रक्रिया शुरू: हरीश के दो लाइफ सपोर्ट के प्रमुख पाइप हटाए गए, डॉक्टरों ने बनाई नजर • यहां चुनाव से पहले मुख्य सचिव और डीजीपी को हटाया, 6 अधिकारी बदले; आयोग बोला - ये अफसर चुनाव से दूर रहेंगे • सरकारी हॉस्पिटल में लगी आग, 10 मरीजों की मौत, 11 कर्मचारी भी झुलसे • इस केंद्रीय मंत्री की बेटी ने 10 करोड़ रुपए का मानहानि केस किया, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर एपस्टीन से जुड़े मामलों से जोडऩे का आरोप • होर्मुज तनाव के बीच भारत को राहत, भारतीय जहाज शिवालिक 46 हजार टन गैस लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा, कल नंदा देवी और जग लाडकी शिप पहुंचेंगे • एम्स में इच्छामृत्यु की प्रक्रिया शुरू: हरीश के दो लाइफ सपोर्ट के प्रमुख पाइप हटाए गए, डॉक्टरों ने बनाई नजर
sukhajan
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group

बीकानेर: फर्जी दस्तावेज के आधार पर निशुल्क प्रवेश लिया तो होगी कार्यवाही, पढ़ें ये खबर

3 weeks ago
बीकानेर: फर्जी दस्तावेज के आधार पर निशुल्क प्रवेश लिया तो होगी कार्यवाही, पढ़ें ये खबर

बीकानेर: फर्जी दस्तावेज के आधार पर निशुल्क प्रवेश लिया तो होगी कार्यवाही, पढ़ें ये खबर 

बीकानेर। राज्य सरकार ने इस बार निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश के लिए जारी गाइडलाइन में कई नए प्रावधान लागू किए हैं। यह जानकारी आरटीई के अंतर्गत आवेदन करने वाले अभिभावकों के लिए जरूरी है। दरअसल, गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आरटीई के अंतर्गत प्रवेशित बच्चों के अभिभावकों के विरूद्ध कार्रवाई करने का प्रावधान इस वर्ष से लागू किया गया है। इस वर्ष से पेन नंबर का विकल्प भी आवेदन पत्र के साथ जोड़ दिया गया है।
यदि किसी अभिभावक द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज या जानकारी गलत या मिथ्या सिद्ध हो जाती है तो ऐसे अभिभावकों को संबंधित विद्यालय में उस विद्यालय द्वारा निर्धारित फीस का दोगुनी राशि चुकानी होगी तथा साथ ही स्कूल ऐसे अभिभावकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के लिए भी स्वतंत्र रहेगा। शिक्षा विभाग ने यह प्रावधान आरटीई के अंतर्गत जारी किए जाने वाले दिशा निर्देशों में जोड़ा है।

शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए जारी दिशा निर्देशों में पेज संख्या 8 पर बिन्दु संख्या 4.13 में इस प्रावधान का उल्लेख किया गया है। दरअसल, वास्तविक आय से कम आय का प्रमाण- पत्र, गलत वार्ड, पंचायत या एड्रेस इत्यादि के आधार पर आरटीई के अंतर्गत हर वर्ष शिक्षा विभाग में सैकड़ों शिकायतें मिलती हैं लेकिन कोई ठोस प्रावधान नहीं होने के कारण विभाग ऐसे अभिभावकों के विरुद्ध कोई विशेष कार्रवाई नहीं कर पाता। अब यह प्रावधान लागू हो जाने से ऐसे अभिभावकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई हो सकेगी।

BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: