Khulasa Online
Breaking
• सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बड़ी खबर: NEET परीक्षा 2026 रद्द, 22 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा, दोबारा होगा पेपर! • राजस्थान में सस्ती बिजली पर संकट: सोलर ओवरफ्लो से लाखों यूनिट बिजली बेकार • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बड़ी खबर: NEET परीक्षा 2026 रद्द, 22 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा, दोबारा होगा पेपर! • राजस्थान में सस्ती बिजली पर संकट: सोलर ओवरफ्लो से लाखों यूनिट बिजली बेकार
Arham School
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti
Trade Fair

विभागीय वेबसाइट-सोशल मीडिया से डाटा लेकर अफसरों-कर्मचारियों से ठगी, साइबर अपराधी मैसेज भेजकर मांग रहे रुपए; पुलिस ने सतर्क रहने की दी चेतावनी, कहा- ठगी पर ऐसे करें शिकायत

rk
3 weeks ago
विभागीय वेबसाइट-सोशल मीडिया से डाटा लेकर अफसरों-कर्मचारियों से ठगी, साइबर अपराधी मैसेज भेजकर मांग रहे रुपए;  पुलिस ने सतर्क रहने की दी चेतावनी, कहा- ठगी पर ऐसे करें शिकायत

विभागीय वेबसाइट-सोशल मीडिया से डाटा लेकर अफसरों-कर्मचारियों से ठगी, साइबर अपराधी मैसेज भेजकर मांग रहे रुपए;  पुलिस ने सतर्क रहने की दी चेतावनी, कहा- ठगी पर ऐसे करें शिकायत

जयपुर। सोशल मीडिया पर कर्मचारी के पास अफसर की प्रोफाइल फोटो लगे नंबर से मैसेज आता है- “मैं मीटिंग में हूं। कॉल नहीं ले सकता। तुरंत कुछ रुपए या गिफ्ट वाउचर भेज दो।” बड़े अधिकारी की प्रोफाइल फोटो, आदेश और इमरजेंसी स्थिति देखते हुए कर्मचारी बिना सोचे-समझे रुपए ट्रांसफर कर देता है। बाद में पता चलता है कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुका है। प्रदेश में इसी तरह 'पहचान चोरी' के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

इस पर पुलिस ने लोगों को सचेत रहने की एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने कहा- साइबर ठग सोशल मीडिया या सरकारी विभागीय वेबसाइट से डाटा लेकर ठगी कर रहे हैं।

अधिकारियों की पहचान का दुरुपयोग कर डिजिटल ठगी

राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने विशेष एडवाइजरी जारी कर आम लोगोंं और कर्मचारियों को सतर्क रहने की अपील की है। एडीजी साइबर क्राइम वी.के. सिंह के निर्देश पर जारी चेतावनी में बताया गया कि अपराधी अब अधिकारियों की पहचान का दुरुपयोग कर डिजिटल ठगी कर रहे हैं।

डीआईजी (साइबर क्राइम) शांतनु कुमार सिंह ने बताया- ठग वारदात से पहले पूरी तैयारी करते हैं। वे विभागीय वेबसाइट से अधिकारियों की जानकारी जुटाते हैं और फिर LinkedIn और सोशल मीडिया जैसे प्लेटफार्म से उनके परिचितोंं की जानकारी हासिल करते हैं। कई मामलों में साइबर ठग वॉट्सएप ग्रुप्स में सेंध लगाकर डाटा भी जुटा लेते हैं।

साइबर अपराधी ऐसे कर रहे धोखाधड़ी

डीआईजी (साइबर क्राइम) शांतनु कुमार सिंह ने बताया- साइबर अपराधी अब ठगी में एआई तकनीक का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। साइबर ठग डीपफेक वॉइस के जरिए अधिकारियों की आवाज की हूबहू नकल कर कॉल करते हैं, जबकि स्पूफ ईमेल के माध्यम से असली जैसे दिखने वाले ईमेल आईडी से धोखाधड़ी की जाती है। कई बार मेडिकल इमरजेंसी का बहाना बनाकर भी तुरंत रुपए की मांग करते हैं।

पुलिस ने कहा- ठगी पर ऐसे करें शिकायत

पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी नए नंबर से आए ऐसे संदेश पर तुरंत आधिकारिक नंबर पर पुष्टि करें और बिना जांच-पड़ताल कोई वित्तीय लेनदेन न करें। ओटीपी, बैंक डिटेल या अन्य निजी जानकारी साझा करने से भी बचें।

साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930, हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 और 9257510100, नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस ने कहा- सतर्कता और जागरूकता ही ऐसे हाई-टेक फ्रॉड से बचाव का सबसे कारगर तरीका है।

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: