पूर्व मंत्री देवीसिंह भाटी ने कानून व्यवस्था को लेकर एसपी मृदुल कच्छावा से की मुलाकात, आश्वासन के बाद महानिदेशक से वार्ता कार्यक्रम स्थगित!
पूर्व मंत्री देवीसिंह भाटी ने कानून व्यवस्था को लेकर एसपी मृदुल कच्छावा से की मुलाकात, आश्वासन के बाद महानिदेशक से वार्ता कार्यक्रम स्थगित!
बीकानेर। पूर्व सिंचाई मंत्री देवी सिंह भाटी व कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने पुलिस अधीक्षक बीकानेर से मिलकर राजस्थान प्रदेश में विशेष तौर पर जिला बीकानेर में लगातार कानून व्यवस्था छिन्न-भिन्न होने के कारण सडक़ों पर ओवर लोड ट्रक, टै्रक्टर, कैम्पर आदि मुख्य कम्पनी की गाडिय़ों की डिजाइन बदल कर बॉड़ी बड़ी कर लेते है। टै्रक्टर, ट्रक परिवहन में मुख्य बॉडी से बाहर तक चारा इत्यादि भरने से सडक़ पर चलना, परिवहन मुश्किल हो जाता है। ट्रकों द्वारा ओवर लोड भवन सामग्री यथा बजरी, कंकर, ईंट पीछे चल रही गाड़ी के शीशे पर पड़ते है, जो हम रात दिन महसूस करते है। ओवर लोड गाडिय़ा असंतुलित होकर दूसरे वाहनों के ऊपर गिर जाती है, जिसका बड़ा उदाहरण पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा का घटना में कोटपुतली के पास बलिदान हो गया, हम भी ओवर लोड गाड़ी के पास से निकलते है तो मन में भय बना रहता है। साथ ही भाटी ने पुलिस, खनन विभाग द्वारा अवैध खनन को रोक नहीं पाना, रॉयल्टी ठेकेदारों द्वारा विभागीय निर्देश, रेट से ज्यादा अवैध वसूली की रसीद नहीं देना, गुड़ागर्दी करना आम हो गया है, कहीं सही सुनवाई की जगह नहीं है। हाल ही में ग्रामीणों द्वारा रॉयल्टी ठेकेदारों द्वारा विभाग से निर्धारित राशि से ज्यादा राशि वसूली का विरोध किया गया कि रॉयल्टी की राशि रसीद से ज्यादा अवैध राशि लेने व उसकी रसीद मांगने पर कभी भी अवैध राशि की रसीद नहीं देते है। इस पर प्रशासन ने रॉयल्टी कम्पनी को अवैध राशि नहीं लेने का कहा। कम्पनी के नहीं मानने पर एक वार ग्रामीणों द्वारा लोडिंग बंद करवा दी थी। इस पर इलाके के जनप्रतिनिधियों ने दबाव बना कर, राशि सही करवाई गई। यही कम्पनी को वरदास्त नहीं हुआ, जिस पर कम्पनी के लोगों ने जयपुर में दबाव बना कर जांच के लिए एक विजिलेन्स कमेटी का गठन करवाया। गठित कमेटी के लोगों को बीकानेर की स्टार होटल में 29 फरवरी 2026 से 3 मार्च 2026 में ठहराया गया जबकि सरकारी अधिकारी सर्किट हाऊस, डाक बंगला या निजी जगह ठहर सकते है, उसकी भी जांच होनी चाहिए लेकिन इतनी मंहगी होटल में कैसे ठहराया गया। जिसपर पुलिस अधीक्षक बीकानेर ने भाटी से कहा कि इस संबंध में महानिदेशक पुलिस राजस्थान के बीकानेर आगमन के दौरान उन्हे अवगत करवाकर पुन: जांच का आश्वासन दिया।
भाटी ने अपने पत्र में शहरी क्षेत्र में भारी वाहनों का निषेध होने के बावजूद लगातार निषेध क्षेत्र में भारी वाहनों से एक्सीडेंट होना। शहरी क्षेत्र की मुख्य सडक़ जैसलमेर रोड़ पर भवन निर्माण सामग्री लिए ट्रकों का खड़ा रहना। मुख्य सडक़ की लेन तो पूरी, खड़े ट्रक, मरम्मत वालों से अटी पड़ी रहती है। बीकानेर शहर में तो ट्रैफिक जाम तो भगवान भरोसे ही है। आज से 50 वर्ष पूर्व जब दुपहिया वाहन कारें नहीं होती थी तो भी कोटगेट के सामने, सांखला फाटक के दोनों तरफ, रेलवे स्टेशन के सामने, रानी बाजार चैराहा, पुराना बाजार चैराहा, रोशनी घर चैराहा, जूनागढ के पीछे व सामने, के.ई.एम. रोड़ के पेमजी पान, फड़ बाजार आदि पाईंट की छतरी पर टैऊफिक पुलिस वाला ड्यूटी देता था, वो ट्रेफिक नफरी व छतरी (गुमटी) कहां गई? पता ही नहीं। शहर के प्रत्येक तिराहा, चैराहा सब जनता के भरोसे पर छोड रखा है। टै्रफिक लाईटिंग व्यवस्था में मात्र म्यूज्यिम चारौहा के अलावा कहीं भी लाईटिंग व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं चल रही है जबकि मुख्य स्थानों पर ट्रेफिक लाईटें लगी है। ट्रेफिक पुलिस पूरे शहर में मात्र करमीसर चैराहा, पूगल फांटा पर नजर आ रही है। शहर में ट्रेफिक पुलिस की मात्र दो चैकी है, उरमूल सर्किल और म्यूज्यिम चैराहा जिस पर पुलिस अधीक्षक ने शीघ्र सुधार का आश्वासन दिया।
भाटी ने प्रदेश में लगातार चोरियां बढ़ रही है लेकिन पुलिस विभाग द्वारा चोरियां रोकने, बरामद करने में पुलिस 70 से 80 प्रतिशत निष्फल होती है और दुपहिया वाहन चोरों द्वारा वाहन की चोरी कर खुलेआम चलाने के बावजूद भी वाहन को जप्त नहीं किया जाता, चोरी के दुपहिया वाहन ग्रामीण क्षेत्रों में 7 से 8 हजार में खुलेआम बिक रहे है जिसके कारण चोरों के हौसले लगातार बढ रहे है। भाटी ने कहा कि दुपहिया वाहन कम्पनी से गत 10 वर्ष की सूचि लेकर, गांवों में पुलिस रजिस्ट्रेशन की जांच करें। ज्यादातर शहरों से मोटर साईकिल चोरी होकर गांवों में पहुंचती है। जिसपर आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया।
भाटी ने कहा कि प्रदेश में बजरी का अवैध खनन लगातार बढता ही जा रहा है लेकिन विभाग द्वारा इस ओर कोई आवश्यक व कठोर कानूनी कार्यवाही नहीं की जा रही, पुलिस थानों के सामने से बजरी से भरों वाहनों का आना-जाना होने के बावजूद भी किसी प्रकार की सख्त कानूनी कार्यवाही नहीं होना। अवैध खनन रोकने में विभागीय अधिकारी, पुलिस कर्मचारी को कुचल दिया जाता है। जिसके कारण प्रदेश में बजरी माफियों के लगातार हौसले बुलन्द होते जा रहे है। प्रदेश में पुलिस अधिकारी के अतिरिक्त महानिदेशक तथा विभिन्न महानिदेशक के पद पर आने के बाद ग्रामीण जनता या शहरी लोगों से ईलाके की कानून व्यवस्था, हालात पर बात करते नहीं दिखायी देते है। जिसपर पुलिस अधीक्षक ने आम जन से संवाद का आश्वासन दिया।
भाटी ने कहा कि सीमान्त क्षेत्र में ड्रोन से फैका गया हथियार व ड्रग्स पकडने का कार्य प्राय: सीमा सुरक्षा बल द्वारा किया जाता है लेकिन सीमावर्ती पुलिस द्वारा इस संबंध में कोई कार्यवाही नहीं की जाती है कि हथियार, ड्रग्स कहां से आया है इसकी जानकारी कभी भी किसी मामले में नहीं लेने से अन्तर्राष्ट्रीय क्षेत्र में लगातार हथियार व ड्रग्स की खरीद-फरोख्त बढ़ रही है जो कि प्रदेश सहित सम्पूर्ण राष्ट्र के लिए चिन्ता का विषय हैं। भाटी ने अवगत कराया कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में दुपहिया वाहन के चालक के हेलमेट नहीं लगाने, गांव से बाहर मुख्य सडक़ पर आने से पहले चालक को ट्रेफिक निर्देशों का ज्ञान नहीं होने से अचानक सडक़ पर आने से 80 से 90 प्रतिशत युवा चालकों की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है। इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों सहित सम्पूर्ण प्रदेश में हेलमेट की अनिवार्यता व ऑन लाईन चालान की प्रक्रिया ग्रामीणों क्षेत्रों में लागू की जावें ताकि भय से चालक हेलमेट का प्रयोग नियमित करें व इस और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूक अभियान चलाये जावें। भाटी ने पूरे प्रदेश में ैलदजीमजपब क्तनहे जैसे एमडी, स्मैक, गांजा, अफीम, डोडा-पोस्त, चरस सहित शराब अन्य नशीले पदार्थों का चलन लगातार बढ़ रहा है। खुलेआम चैराहे, स्कूल, चिकित्सालय, कॉलेज, मंदिर, डेयरी बूथ सहित मुख्य स्थानों के आस-पास नशीले पदार्थों की बिक्री हो रही है, नशीले पदार्थों के साथ मुल्जिमों की गिरफ्तारी होने के बावजूद नशीली सामग्री कहां से आ रही है पुलिस व नॉरकोटिक्श विभाग मुख्य आरोपी तक पहुंचने के लिए सख्त कानूनी कार्यवाही का प्रयास नहीं किया जाता, जिसके कारण आज 15-16 वर्ष के युवाओं में लगातार नशे की प्रवृति बढ़ती जा रही है। प्रदेश में अवैध शराब की प्रतिवर्ष हजारों गाडिय़ां पकड़ी जाती है लेकिन गाड़ी के ड्राईवर व मालिक पर कानूनी कार्यवाही की जाती है लेकिन पुलिस व आबकारी विभाग द्वारा मुख्य आरोपी, सप्लायर तक पहुंचने के लिए सख्त कार्यवाही नहीं करने के कारण प्रदेश में अवैध शराब का लगातार कारोबार बढ रहा है। राजस्थान के जिला गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर होते गुजरात में अवैध शराब की सप्लाई की जाती है। भाटी ने अवगत कराया कि प्रदेश में हजारों वाहन चालकों को आंखों से कम दिखाई देने के बावजूद लाईसेन्स धारी ड्राईवरों द्वारा भारी वाहनों को चला रहे है जिसके कारण लगातार दुर्घटनाऐं हो रही है। इसके लिए परिवहन, पुलिस व चिकित्सा विभाग द्वारा संयुक्त दल बनाकर मुख्य सडक़ पर अथवा टोल पाईंट पर वाहनों को रोककर ड्राईवरों के आंखों की जांच की जावें ताकि लगातार बढ रही दुर्घटनाओं पर रोक लग सकें। इस पर पुलिस अधीक्षक बीकानेर ने सभी बिन्दूओं पर आवश्यक कार्यवाही करने के साथ ही पत्र में उल्लेखित सभी बिन्दूओं पर महानिदेशक पुलिस के बीकानेर आगमन के दौरान अवगत करवाने का भी दिया आश्वासन।
भाटी की मृदुल कच्छावा पुलिस अधीक्षक बीकानेर के कार्यालय में हुयी वार्ता के पश्चात् दिये आश्वासन के बाद कल 02.04.2026 गुरूवार को सर्किट हाऊस बीकानेर में महानिदेशक पुलिस, राजस्थान से कानून व्यवस्था में सुधार के लिए वार्ता कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है।
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