पूर्व विकास अधिकारी ने अधीनस्थ कर्मचारी व उसकी पत्नी पर ब्लैकमेलिंग व राजकार्य में बाधा डालने का लगाया आरोप
पूर्व विकास अधिकारी ने अधीनस्थ कर्मचारी व उसकी पत्नी पर ब्लैकमेलिंग व राजकार्य में बाधा डालने का लगाया आरोप
बीकानेर। बीकानेर जिले के खाजूवाला पंचायत समिति में पूर्व में पदस्थापित विकास अधिकारी और वर्तमान में मौलासर में कार्यरत कृष्ण कुमार चावला ने एक कनिष्ठ सहायक और उसकी पत्नी सहित अन्य के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज कराया है। परिवादी ने आरोपियों पर राजकार्य में बाधा डालने, झूठे लांछन लगाकर प्रताडि़त करने, सोशल मीडिया पर मानहानि करने और एससी/एसटी एक्ट के तहत गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (क्चहृस्) और एससी/एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच
शुरू कर दी है।क्या है पूरा मामला?परिवाद के अनुसार, खाजूवाला में पदस्थापन के दौरान कनिष्ठ सहायक हंसराज सिंह शेखावत अक्सर बिना सूचना अनुपस्थित रहता था और राजकीय कार्यों में लापरवाही बरतता था। इसके लिए उसे कई बार नोटिस और चार्जशीट दी गई थी। विवाद तब बढ़ा जब मई 2025 में प्रधानमंत्री के बीकानेर दौरे के दौरान राउंड द क्लॉक ड्यूटी लगाई गई। आरोपी हंसराज की ड्यूटी रात्रि पारी में लगाने पर उसने विकास
अधिकारी को देख लेने की धमकी दी।झूठी शिकायत और ब्लैकमेलिंग का आरोपपरिवादी कृष्ण कुमार का आरोप है कि अनुशासनात्मक कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी हंसराज और उसकी पत्नी सुमन कंवर ने साजिश रची। सुमन कंवर ने संभागीय आयुक्त के पास बीडीओ के विरुद्ध झूठी शिकायत दर्ज कराई, जिसे जांच के बाद अक्टूबर 2025 में प्रशासन ने गलत पाया और बंद कर दिया। परिवादी का कहना है कि आरोपी जानते थे कि वह अनुसूचित जाति से हैं, इसलिए उन्हें अपमानित करने के लिए झूठे आरोप लगाए गए।कार्यालय में बदतमीजी और सोशल मीडिया पर दुष्प्रचारएफआईआर में उल्लेख है कि 1 जुलाई 2025 को आरोपियों ने बीडीओ को कार्यालय में रोका, सरकारी दस्तावेज छीनने की कोशिश की और अन्य महिला कर्मचारियों के सामने अश्लील गालियां दीं। इसके अलावा, आरोपियों ने सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से भ्रामक खबरें फैलाकर परिवादी की सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाया।पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू खाजूवाला पुलिस ने विकास अधिकारी कृष्ण कुमार चावला की रिपोर्ट पर आरोपी हंसराज सिंह शेखावत, उसकी पत्नी सुमन कंवर व अन्य के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता सहित एससी/एसटी एक्ट की संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता और राजपत्रित अधिकारी से जुड़े प्रकरण को देखते हुए इसकी जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वृत्ताधिकारी खाजूवाला अमरजीत चावला को सौंपी गई है। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल टावर लोकेशन और सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री के आधार पर साक्ष्य जुटा रही है
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