आरटीई पुनर्भरण में देरी से निजी विद्यालयों पर आर्थिक संकट, आंदोलन की चेतावनी
आरटीई पुनर्भरण में देरी से निजी विद्यालयों पर आर्थिक संकट, आंदोलन की चेतावनी
श्रीकोलायत। स्कूल शिक्षा परिवार शाखा परिवार श्रीकोलायत की ओर से रविवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में निजी विद्यालय संचालकों ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए आरटीई पुनर्भरण राशि के लंबित भुगतान सहित विभिन्न समस्याओं को उठाया। पदाधिकारियों ने कहा कि समय पर भुगतान नहीं मिलने और लगातार बढ़ रही प्रशासनिक औपचारिकताओं के कारण निजी विद्यालय आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वक्ताओं ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत निजी विद्यालयों ने 25 प्रतिशत विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा दी, लेकिन कई सत्र बीतने के बाद भी पुनर्भरण राशि का भुगतान लंबित है। इससे विद्यालयों के सामने शिक्षकों के वेतन, बिजली-पानी के बिल, भवन किराया, परिवहन एवं अन्य व्यवस्थाओं का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है।
संचालकों ने कहा कि विभाग की ओर से बार-बार भौतिक सत्यापन करवाया जा रहा है, जबकि पूर्व में भी अधिकारियों द्वारा जांच की जा चुकी है। इसके बावजूद पुनः सत्यापन के नाम पर भुगतान प्रक्रिया को लंबित रखा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी विद्यालयों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी बताया गया कि लगातार बढ़ती महंगाई, विद्यार्थियों की घटती संख्या, अभिभावकों द्वारा फीस जमा करवाने में देरी तथा विभागीय पोर्टलों की तकनीकी खामियों के कारण विद्यालय संचालन प्रभावित हो रहा है। कई छोटे विद्यालय बंद होने की स्थिति में पहुंच गए हैं।
पदाधिकारियों ने कहा कि यदि शीघ्र ही समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो जिला स्तर पर ज्ञापन देकर आंदोलन किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा।
इस दौरान जिला अध्यक्ष खियाराम सेन, ब्लॉक प्रभारी राजेंद्र पालीवाल, संयोजक डॉ. कुलदीप सिंह, ब्लॉक मंत्री जयप्रकाश साध, तहसील अध्यक्ष भंवर उपाध्याय सहित अनेक निजी विद्यालय संचालक मौजूद रहे।
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