Khulasa Online
Breaking
• व्हाट्सएप ने शुरू की सिम-बाइंडिंग की टेस्टिंग, जानें कैसे फ्रॉड और फर्जी अकाउंट्स पर लगेगी लगाम • सीजफायर पर भारत का पहला बयान : कहा- ईरान में जंग रुकने का स्वागत, दूतावास ने भारतीय नागरिकों को दी ईरान छोडऩे की सलाह • दोस्ती पड़ी भारी : युद्ध में ईरान की मदद करने वालों की आई शामत, अमेरिका ने तत्काल प्रभाव से लगाया 50 प्रतिशत टैरिफ • डोसा खाने से 2 बच्चियों की मौत, चार दिन बाद 3 महीने की बच्ची का शव कब्र से निकाल पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया • समय सीमा से पहले ही ईरान पर अमेरिका के ताबड़तोड़ हमले, एक साथ 50 ठिकाने तबाह, ट्रंप की खौफनाक धमकी, बोले - आज रात एक पूरी सभ्यता का अंत हो जाएगा • व्हाट्सएप ने शुरू की सिम-बाइंडिंग की टेस्टिंग, जानें कैसे फ्रॉड और फर्जी अकाउंट्स पर लगेगी लगाम • सीजफायर पर भारत का पहला बयान : कहा- ईरान में जंग रुकने का स्वागत, दूतावास ने भारतीय नागरिकों को दी ईरान छोडऩे की सलाह • दोस्ती पड़ी भारी : युद्ध में ईरान की मदद करने वालों की आई शामत, अमेरिका ने तत्काल प्रभाव से लगाया 50 प्रतिशत टैरिफ • डोसा खाने से 2 बच्चियों की मौत, चार दिन बाद 3 महीने की बच्ची का शव कब्र से निकाल पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया • समय सीमा से पहले ही ईरान पर अमेरिका के ताबड़तोड़ हमले, एक साथ 50 ठिकाने तबाह, ट्रंप की खौफनाक धमकी, बोले - आज रात एक पूरी सभ्यता का अंत हो जाएगा
Arham School
sukhajan
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti
mali sani samaj

क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता का निधन, 60 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस

rk
1 month ago
क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता का निधन, 60 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस

क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता का निधन, 60 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का शुक्रवार सुबह करीब 4:36 बजे निधन हो गया। वे 60 वर्ष के थे और फोर्थ स्टेज लिवर कैंसर से पीड़ित थे। कुछ दिन पहले उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अलीगढ़ से ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। निधन के बाद पार्थिव शरीर अलीगढ़ लाया गया है, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। रिंकू सिंह चेन्नई से अलीगढ़ अपने घर पहुंच गए हैं।

पिता की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही रिंकू मंगलवार को टीम इंडिया का साथ छोड़कर नोएडा पहुंचे थे। उन्हें टी-20 विश्वकप के प्रैक्टिस सेशन से हटना पड़ा था। 25 फरवरी को वे चेन्नई लौटकर टीम से दोबारा जुड़ गए थे। हालांकि, 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए सुपर-8 मुकाबले में वे प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे और सब्स्टीट्यूट के रूप में मैदान पर फील्डिंग करते नजर आए।

रिंकू की मंगेतर और मछलीशहर सांसद प्रिया सरोज के पिता तूफानी सरोज ने बताया कि प्रिया कई दिनों से रिंकू के परिवार के साथ थीं। वे भी रात में हालचाल जानने पहुंचे थे और लौटते समय निधन की सूचना मिली। रिंकू सिंह ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनका बचपन आर्थिक कठिनाइयों में बीता। उनके पिता गैस सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे। “परिवार में हम पांच भाई हैं। पापा सिलेंडर डिलीवरी करते थे और हमसे भी काम करवाते थे। बाइक पर दो-दो सिलेंडर रखकर होटलों और घरों में डिलीवरी करते थे। मैच खेलने के लिए पैसे चाहिए होते थे, लेकिन पापा पढ़ाई पर जोर देते थे। मां मेरा साथ देती थीं।” रिंकू सिंह आज भारतीय क्रिकेट में अपनी मेहनत और संघर्ष की बदौलत खास पहचान बना चुके हैं। पिता के निधन से परिवार और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है।

BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: