बीकानेर: कचरा संग्रहण की शिकायतों से कॉल सेंटर के भरे इतने पेज, मिल रही शिकायतें
बीकानेर: कचरा संग्रहण की शिकायतों से कॉल सेंटर के भरे इतने पेज, मिल रही शिकायतें
बीकानेर। नगर निगम के कॉल सेंटर पर अगर कोई कॉल आती है तो पांच में से 4 शिकायतें घर-घर कचरा संग्रहण की होती हैं। सेंटर के शिकायत रजिस्टर के 36 पेज सिर्फ कचरा संग्रहण से जुड़ी शिकायतों से भर गए। कुल 163 शिकायतें दर्ज हैं। शिकायतों का निस्तारण नहीं हुआ तो लोग सीधे आयुक्त-उपायुक्त तक जाने लगे। मंगलवार को उपायुक्त ने फर्म को नोटिस देकर तीन दिन में जवाब मांगा है। जवाब से संतुष्ट ना होने पर टेंडर निरस्त करने की चेतावनी दी है।
शहर में घर-घर कचरा संग्रहण का कार्य शुरू हुआ तो फर्म मेसर्स बीकानेर वेस्ट केयर को इसका काम दिया गया। 80 वार्डों के लिए करीब 80 टिपर लगाए गए। शुरू के दो साल फर्म ने औसत काम किया। इसके बाद फर्म का कार्यकाल पूरा हो गया तो इसी फर्म को वापस एक्सटेंशन दे दिया गया। फर्म को एक्सटेंशन मिला के बाद से शहर में कचरा संग्रहण की शिकायतें बढ़ने लगी। अब तो पूरे शहर में टिपर आने का समय भी तय नहीं है। कभी सुबह पांच बजे आता है, कभी 10 बजे तो कभी शाम को चार बजे। एक वार्ड की एक गली में ही टिपर मर्जी आए तब आते हैं। टिपर आने की भी कोई गारंटी नहीं।
फोन करने पर एक ही रटारटाया बहाना कि गाड़ी खराब हो गई। कुछ दिन पूर्व एक एक्सईएन ने जब कुछ दिनों का फीडबैक लिया तो सामने आया कि एक ही दिन में 80 में से 29 टिपर गायब थे। वे वार्डों में गए ही नहीं। लगातार फॉलो किया गया तो भी वापस टिपर चलने में एक सप्ताह लग गया। जब भी कोई अधिकारी या मीडिया फीडबैक लेता है तो टिपर वापस सही हो जाते हैं। जैसे ही पूछताछ बंद हुई तो 20 से 30 टिपर एक साथ गायब हो जाते हैं। अब टिपर के ड्राइवर भी कचरा एकत्र करने की बजाय तेजी से गाड़ी ले जाते हैं। कई टिपर कचरा सेंटर से कूड़ा उठाते हैं करते हैं। शाम को आए दिन टिपर एक जगह पड़े कचरा उठाते हैं, जबकि इसके लिए निगम से अलग से ट्रैक्टर लगाए हुए हैं।
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