बीकानेर : कृषि भूमि के क्रय-विक्रय की रजिस्ट्री के समय फार्मर आईडी होगी अनिवार्य, जयपुर से आई फार्मर रजिस्ट्री की राज्य विशेषाधिकारी श्रीमती मुक्ता राव ने दिए निर्देश
बीकानेर : कृषि भूमि के क्रय-विक्रय की रजिस्ट्री के समय फार्मर आईडी होगी अनिवार्य, जयपुर से आई फार्मर रजिस्ट्री की राज्य विशेषाधिकारी श्रीमती मुक्ता राव ने दिए निर्देश
समर्थन मूल्य पर फसल बेचने के लिए भी फार्मर आईडी की होगी अनिवार्य
फार्मर रजिस्ट्री कार्य में तेजी लाने के निर्देश, शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने पर जोर
फार्मर रजिस्ट्री को लेकर प्रत्येक पटवार मंडल स्तर पर आयोजित किए जाएंगे विशेष शिविर
बीकानेर, 17 मार्च। फार्मर रजिस्ट्री की राज्य विशेषाधिकारी श्रीमती मुक्ता राव ने मंगलवार को जिले में फार्मर रजिस्ट्री कार्य की प्रगति की समीक्षा की। कलेक्ट्रेट सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित बैठक में श्रीमती राव ने फार्मर रजिस्ट्री कार्य में तेजी लाने व शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समर्थन मूल्य पर फसल बेचने के लिए भी फार्मर आईडी होगी अनिवार्य
बैठक में श्रीमती मुक्ता राव ने कहा कि व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से किसानों को अवगत कराया जाए कि भविष्य में समर्थन मूल्य पर फसल विक्रय करने के लिए फार्मर आईडी की जरूरत होगी। इसके अतिरिक्त, उन्हें खाद-बीज जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ तथा फसल बीमा क्लेम भी फार्मर आईडी से मिल सकेगा।
कृषि भूमि के क्रय-विक्रय की रजिस्ट्री के समय फार्मर आईडी अनिवार्य होगी
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि पंजीयन के अभाव में भविष्य में नामांतरण की कार्यवाही संभव नहीं होगी तथा कृषि भूमि के क्रय-विक्रय की रजिस्ट्री के लिए फार्मर आईडी की जरूरत पड़ेगी।
पंजीयन कराने पर जमीन की धोखाधड़ी से बच सकेगा किसान, फोन पर तत्काल मिलेगी जानकारी
श्रीमती राव ने बताया कि पंजीयन होने पर किसान की भूमि में कुछ भी परिवर्तन होगा तो उसे तत्काल फोन पर इसकी जानकारी मिल जाएगी। इससे किसान जमीन की धोखाधड़ी से बच सकेगा। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि व मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि का पंजीकरण भी फार्मर आईडी बनवाने के बाद ही हो सकेगा।
प्रत्येक पटवार मंडल स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगें
बैठक में श्रीमती राव ने समस्त तहसीलदारों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में शत-प्रतिशत किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करें। पंजीयन कार्य को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक पटवार मंडल स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, किसानों का डोर-टू-डोर सर्वे कर उन्हें पंजीयन के लिए प्रेरित किया जाएगा।
संबंधित भू-अभिलेख निरीक्षकों को निर्देशित किया गया कि वे अपने क्षेत्र में पटवार मंडलों पर पटवारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें तथा सभी पटवारियों की दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्राप्त कर तहसील कार्यालय में प्रस्तुत करें।विदित है कि जिले में वर्तमान में अब तक 1,67,427 किसानों का पंजीयन कर फार्मर आईडी जारी की जा चुकी है।
बैठक में जिले की भू-अभिलेख प्रभारी अधिकारी आईएएस सुश्री महिमा कसाना, फार्मर रजिस्ट्री टेक्निकल कंसलटेंट श्री दीपेश शर्मा, तहसीलदार श्री निशिकांत, तहसीलदार भू-अभिलेख निरीक्षक नाल श्री हरी नारायण सिंह, जिला कार्यालय भू-अभिलेख निरीक्षक श्री किशन सोनी सहित जिले के समस्त तहसीलदार, भू-अभिलेख निरीक्षक, पटवारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।
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