राजस्थान पंचायत चुनाव में अब यह बाध्यता हटी, विधानसभा में बिल हुआ पारित
राजस्थान पंचायत चुनाव में अब यह बाध्यता हटी, विधानसभा में बिल हुआ पारित
जयपुर। विधानसभा में आज पंचायतीराज चुनावों में दो बच्चों की बाध्यता हटाने वाला राजस्थान पंचायतीराज संशोधन विधेयक 2026 को बहस के बाद पारित कर दिया गया। राजस्थान पंचायतीराज संशोधन बिल में राजस्थान पंचायतीराज कानून की धारा 19 में संशोधन किया गया है। धारा 19 में पंचायतीराज चुनाव लड़ने के लिए दो से ज्यादा बच्चों की बाध्यता के प्रावधान को हटा दिया है। अब वार्ड पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, प्रधान और जिला प्रमुख के लिए बच्चों की बाध्यता नहीं रहेगी।
31 साल पहले तत्कालीन भैरोंसिंह शेखावत सरकार ने पंचायतीराज और शहरी निकायों के चुनावों में दो बच्चों की बाध्यता लागू की थी। इस प्रावधान को आज विधानसभा में बिल पारित कर खत्म कर दिया गया है। पंचायतीराज संशोधन बिल को 5 मार्च को विधानसभा में रखा गया था, जिसे बहस के बाद पारित कर दिया गया।
गांवों की सियासत बदलेगी यह बिल पारित होने के बाद अब दो से ज्यादा बच्चों वाले नेताओं को राहत मिलेगी। अब तक जो नेता दो से ज्यादा बच्चों के कारण पंचायतीराज चुनाव नहीं लड़ पाते थे, अब बाध्यता हटने से आने वाले पंचायतीराज चुनावों में उनके लिए चुनाव लड़ने का रास्ता साफ हो गया है। इस प्रावधान के बाद पंचायतीराज चुनावों में नेताओं के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। जो नेता दो बच्चों के प्रावधान से चुनाव नहीं लड़ पाते थे, अब वे फिर से मैदान में आ जाएंगे। इससे स्थानीय सियासी समीकरण भी प्रभावित होंगे।
बिल राज्यपाल की मंजूरी के लिए जाएगा, इसके बाद नोटिफिकेशन जारी होगा पंचायतीराज संशोधन बिल को राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राज्यपाल की मंजूरी मिलते ही गजट नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। नोटिफिकेशन जारी होते ही पंचायतीराज चुनावों में दो बच्चों की बाध्यता हटने का कानून लागू माना जाएगा।
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