पीबीएम में घायल युवती पर डाक्टर के साथ मारपीट व दुव्र्यवहार को लेकर सुरक्षा अधिकारी ने युवती के खिलाफ करवाया मामला दर्ज
पीबीएम में घायल युवती पर डाक्टर के साथ मारपीट व दुव्र्यवहार को लेकर सुरक्षा अधिकारी ने युवती के खिलाफ करवाया मामला दर्ज
बीकानेर। पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में शुक्रवार रात को हुए विवाद मामले में एक युवती पर महिला रेजिडेंट डॉक्टर के साथ मारपीट और दुव्र्यवहार करने का आरोप लगाते हुए सदर पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया गया है। घटना के संबंध में पीबीएम अस्पताल प्रशासन की ओर से सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। पुलिस ने आरोपित महिला के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, पीबीएम अस्पताल के सुरक्षा अधिकारी राजेन्द्र सिंह पुत्र भंवर सिंह निवासी कैलाशपुरी, बीकानेर ने अस्पताल प्रशासन की ओर से रिपोर्ट दर्ज करवाई। रिपोर्ट में बताया गया कि जनरल सर्जरी विभाग में कार्यरत रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. प्रतिभा अरोड़ा की 29 मई की रात आठ बजे से 30 मई की सुबह आठ बजे तक ट्रॉमा सेंटर में ड्यूटी लगी हुई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक 30 मई की रात करीब 1:30 बजे सडक़ दुर्घटना में घायल एक महिला मरीज ट्रॉमा सेंटर में उपचार के लिए पहुंची थी। प्राथमिक उपचार के बाद डॉ. प्रतिभा एक अन्य मरीज की सीटी रिपोर्ट देखने के लिए सीटी स्कैन कंसोल रूम में गई थीं। आरोप है कि इसी दौरान महिला मरीज बिना अनुमति के प्रतिबंधित कंसोल रूम में घुस गई और चिकित्सा कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने लगी।
डॉ. प्रतिभा ने जब उसे कंसोल रूम से बाहर जाने के लिए कहा तो आरोपित महिला ने अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि महिला ने गाली-गलौज करते हुए डॉक्टर को धक्का दिया और उन पर शारीरिक हमला कर दिया। इस हमले में डॉक्टर के चेहरे, नाक और हाथों पर चोटें आईं तथा रक्तस्राव होने लगा। गंभीर स्थिति में डॉ. प्रतिभा बेहोश हो गईं, जिन्हें बाद में वहां मौजूद सहकर्मी डॉक्टरों ने संभाला और उपचार उपलब्ध कराया।
घटना के दौरान मौजूद चिकित्सकों और कर्मचारियों को प्रत्यक्षदर्शी बताया गया है। इनमें डॉ. इशांग गुलाटी, डॉ. विवेक सैनी, डॉ. निखिल, रेडियोग्राफर मोहसिन और रेडियोग्राफर नीरज शामिल हैं। डॉ. प्रतिभा ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इस घटना से उन्हें मानसिक आघात पहुंचा है तथा कार्यस्थल पर असुरक्षा की भावना पैदा हुई है। उन्होंने आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और चिकित्सकों को सुरक्षित कार्य वातावरण मिल सके।
पुलिस ने प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आरोपी महिला के खिलाफ धारा 121(1) और 132 बीएनएस के साथ-साथ राजस्थान चिकित्सा सेवा व्यक्ति एवं चिकित्सा सेवा संस्थान (हिंसा की रोकथाम एवं संपत्ति का नुकसान) अधिनियम, 2008 की धारा 3 एवं 4 के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक वेदप्रकाश को सौंपी गई है।
चिकित्सक संगठनों और अस्पताल कर्मियों में इस घटना को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है।
वहीं, सडक़ हादसे में घायल महिला का शहर के एक निजी हॉस्पिटल में ईलाज चल रहा है। हालांकि इस प्रकरण में घायल महिला का पक्ष अभी तक सामने नहीं आया है।
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