RTO कार्यालय का प्रमुख सचिव ने किया औचक निरीक्षण, लंबित कार्यों पर जताई नाराजगी
RTO कार्यालय का प्रमुख सचिव ने किया औचक निरीक्षण, लंबित कार्यों पर जताई नाराजगी
बीकानेर। प्रादेशिक परिवहन कार्यालय में कल शुक्रवार देर शाम को उस समय हलचल तेज हो गई, जब परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव एवं राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के अध्यक्ष भवानी सिंह देथा ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने न केवल विभागीय कामकाज की बारीकियों को परखा, बल्कि पोर्टल आधारित सेवाओं में आ रही खामियों और लंबित कार्यों पर भी अधिकारियों से जवाब तलब किया।
प्रमुख सचिव भवानी सिंह देथा ने आरटीओ कार्यालय पहुंचकर सबसे पहले विभिन्न ऑनलाइन पोर्टल्स पर संचालित सरकारी कार्यों की स्थिति जानी। उन्होंने लंबित प्रकरणों की फाइलों का निरीक्षण करते हुए
अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक, स्टोर रूम,पब्लिक डिलिंग कार्यों में सूचना सहायकों की भूमिका तथा मोबाइल अपडेशन प्रक्रिया को भी विस्तार से देखा। अधिकारियों से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन को मिलने वाली सेवाओं में किसी प्रकार की देरी या तकनीकी बाधा स्वीकार्य नहीं होगी। इस दौरान प्रादेशिक परिवहन अधिकारी अनिल पण्ड्या, रोडवेज की मुख्य प्रबंधक इंदिरा गोदारा सहित विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण देर
यह निरीक्षण देर शाम तक चला और करीब रात 9 बजे प्रमुख सचिव आगे के दौरे के लिए रवाना हुए। निरीक्षण के बीच बीकानेर बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने प्रमुख सचिव को ज्ञापन सौंपकर विभागीय समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया।डंपरों ओर टीपर की एटीएस व अन्य जगह वाहन फिटनेस नहीं बनने से सैंकड़ों कॉमर्शियल वाहनों के अटके दस्तावेज फिटनेस के अभाव में टोल नाकों पर प्रतिदिन कट रहे चालान बीकानेर अधिकारियों द्वारा कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जा रही।
उधर ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यूअल के समय मोबाईल अपडेट का एरर आने से सैंकड़ों ड्राइविंग लाइसेंस अटके हुए दूर दराज से आए ड्राइविंग लाइसेन आवेदक विभाग के चक्कर लगा रहे है लेकिन उनके मोबाइल नंबर अपडेट कोई कार्मिक ओर अधिकारी नहीं कर रहा
ड्राइविंग लाइसेन मियाद खत्म होने से कइयों के भारी जुर्माना लग रहा है। बीकानेर ट्रांसपोर्ट बार से जुड़े अधिवक्ताओं के लिए स्थाई बार रूम की व्यवस्था भी नहीं है,जिनको मोटर वाहन अधिनियम के तहत आरटीओ कार्यालय में पैरवी करने में दिक्कतें आती है।
ज्ञापन देने वालों में एडवोकेट हनुमान शर्मा,धीरज सिडाना,प्रेम विश्नोई,सुरेंद्र विश्नोई,फ़ूसाराम, प्रहलाद,दीपक पंवार,एडवोकेट बनवारी आदि अधिवक्ता थे जिन्होंने इन समस्याओं से प्रिंसिपल सेकेट्री को अवगत कराया।
उधर पिछले दस माह से दिव्यांग, बुजुर्ग लोगों के लिए डीटीओ रूम के पास बना रैंप वाला चैनल गेट बंद पड़ा है,बार बार अनुरोध करने पर भी डीटीओ ने यह गेट नहीं खुलवाया जिससे इन लोगों को भारी परेशानी होती है।
Join for Latest News
हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ