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पीएम मोदी का संदेश: जंग के बीच पेट्रोल-डीजल संकट, बोले- भारत तैयार; अफवाहों से बचें, सरकार पर भरोसा रखें

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7 months ago
पीएम मोदी का संदेश: जंग के बीच पेट्रोल-डीजल संकट, बोले- भारत तैयार; अफवाहों से बचें, सरकार पर भरोसा रखें

पीएम मोदी का संदेश: जंग के बीच पेट्रोल-डीजल संकट, बोले- भारत तैयार; अफवाहों से बचें, सरकार पर भरोसा रखें

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड में वैश्विक हालात और ऊर्जा संकट पर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि इस जंग के कारण दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल को लेकर संकट की स्थिति बन रही है, लेकिन भारत इस चुनौती का मजबूती से सामना कर रहा है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सरकार द्वारा दी जा रही आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर गलत खबरें फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जो देश के हित में नहीं है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिस क्षेत्र में यह युद्ध चल रहा है, वह दुनिया की ऊर्जा जरूरतों का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में वहां तनाव बढ़ने से वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होती है, जिससे पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता और कीमतों पर असर पड़ता है। उन्होंने बताया कि मौजूदा हालात में पूरी दुनिया ऊर्जा संकट की ओर बढ़ रही है, लेकिन भारत ने पिछले एक दशक में अपने वैश्विक संबंधों को मजबूत किया है, जिससे वह ऐसी परिस्थितियों से निपटने में सक्षम बना है। प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि भारत सरकार इस संकट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग देशों के साथ बेहतर संबंध और ऊर्जा स्रोतों के विविधीकरण के कारण भारत को इस चुनौती का सामना करने में मदद मिल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने पहले भी कई वैश्विक संकटों का सफलतापूर्वक सामना किया है और इस बार भी देश मजबूती से उभरेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने खास तौर पर लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी तरह की अफवाहों के बहकावे में न आएं। उन्होंने कहा: केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। सोशल मीडिया पर फैल रही गलत खबरों से सावधान रहें। बिना पुष्टि के कोई कदम न उठाएं। उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाने वाले लोग देश को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं और ऐसे तत्वों से सतर्क रहना जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मार्च का महीना वैश्विक स्तर पर काफी उथल-पुथल भरा रहा है। कोविड-19 महामारी के बाद दुनिया को उम्मीद थी कि हालात सुधरेंगे, लेकिन अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार युद्ध और संघर्ष की स्थितियां बनी रहीं। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और आपूर्ति तंत्र को प्रभावित किया है, जिसका असर हर देश पर पड़ रहा है। प्रधानमंत्री ने खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में युद्ध प्रभावित क्षेत्रों के आसपास बड़ी संख्या में भारतीय काम कर रहे हैं। उन्होंने खाड़ी देशों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे वहां रह रहे एक करोड़ से अधिक भारतीयों की हर संभव मदद कर रहे हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, खासकर कच्चे तेल के रूप में। ऐसे में वैश्विक स्तर पर कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भारत पर भी पड़ सकता है। हालांकि, सरकार द्वारा उठाए गए कदमों जैसे रणनीतिक भंडारण, वैकल्पिक स्रोतों की खोज और रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने से स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में है। सरकार की ओर से ऊर्जा संकट से निपटने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं: तेल आपूर्ति के स्रोतों का विस्तार, रिफाइनरियों की क्षमता बढ़ाना, घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना, आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई चेन बनाए रखना। इन उपायों के जरिए सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि आम जनता पर इसका न्यूनतम प्रभाव पड़े।

 

BC

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