इजराइल-ईरान युद्ध का 14वां दिन: ईरान का मिसाइल अटेक में अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर तबाह, ईरान के नए सुप्रीम लीडर का एक पैर कटा,क्षेत्र में तनाव बढ़ा
इजराइल-ईरान युद्ध का 14वां दिन
इजराइल-ईरान युद्ध का 14वां दिन: ईरान का मिसाइल अटेक में अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर तबाह, ईरान के नए सुप्रीम लीडर का एक पैर कटा,क्षेत्र में तनाव बढ़ा
तेहरान/वॉशिंगटन। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध का शुक्रवार को 14वां दिन है। इस बीच ईरान ने दावा किया है कि उसने फारस की खाड़ी में तैनात अमेरिका के बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में जहाज को नुकसान पहुंचा है। हालांकि इस दावे को लेकर अभी तक अमेरिकी सरकार या सेना की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ईरान की सैन्य इकाई इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि हमले के बाद अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर पीछे हट रहा है और अमेरिका की ओर लौट रहा है। इस दावे के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
इराक में अमेरिकी सैन्य विमान क्रैश
दूसरी ओर अमेरिका का एक सैन्य विमान बोइंग KC-135 इराक में क्रैश हो गया है। घटना के बाद इराक के एक शिया विद्रोही गुट ने दावा किया है कि उसने ही इस विमान को मार गिराया। इससे पहले 2 मार्च को कुवैत में फ्रेंडली फायरिंग की घटना में अमेरिका के तीन सैन्य विमान क्रैश होने की खबर भी सामने आई थी।
ईरान के नए सुप्रीम लीडर का एक पैर कटा
कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हैं और कोमा में हैं। बताया जा रहा है कि 28 फरवरी को हुए अमेरिका-इजराइल हमले में घायल होने के बाद उन्हें तेहरान के सिना यूनिवर्सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनका एक पैर काटना पड़ा, जबकि लिवर को भी नुकसान पहुंचा है। अस्पताल के एक हिस्से को सील कर वहां भारी सुरक्षा तैनात की गई है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मुजतबा खामेनेई को उनके पिता और ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद 9 मार्च को नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया था। अली खामेनेई का निधन 28 फरवरी को हुआ था।
युद्ध का असर तेल बाजार पर
इस युद्ध का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। कीमतों को नियंत्रित करने के लिए अमेरिकी प्रशासन ने कई देशों को रूस से तेल खरीदने की अस्थायी मंजूरी दी है। इससे पहले अमेरिका ने भारत को भी रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर कुछ प्रतिबंधों में ढील देने की बात कही थी। हालांकि भारतीय अधिकारियों का कहना है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए किसी देश की अनुमति पर निर्भर नहीं है।
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