Khulasa Online
TM Jewellers
Bansal sadi
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bharti

18 साल पुराने हिरण शिकार मामले में चार दोषी करार, महिलाओं समेत सभी को 3-3 साल की सजा

3 months ago
18 साल पुराने हिरण शिकार मामले में चार दोषी करार, महिलाओं समेत सभी को 3-3 साल की सजा

18 साल पुराने हिरण शिकार मामले में चार दोषी करार, महिलाओं समेत सभी को 3-3 साल की सजा

बीकानेर। कोलायत क्षेत्र में 18 साल पहले हुए हिरण शिकार मामले में अदालत ने महिलाओं समेत चार आरोपियों को दोषी मानते हुए तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी आरोपियों पर 40-40 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट पारूल पारीक की अदालत में हुई। मामला वर्ष 2008 का है, जो कोलायत थाना क्षेत्र के बीठनोक गांव से जुड़ा हुआ था।
पुलिस को मुखबिर से मिली थी सूचना कोर्ट में पेश रिकॉर्ड के अनुसार 22 जून 2008 को पुलिस को मुखबिर से हिरण शिकार की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ा।

मामले में भगवानाराम उर्फ ईश्वरराम, पृथ्वी उर्फ ज्ञानिया, गुन्नी देवी और विमला देवी को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने पहले गुन्नी देवी और विमला देवी को पकड़ा, जिनके पास एक थैले में हिरण का मांस और एक छुरी बरामद हुई थी।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दोष सिद्ध अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप साबित करने में सफल रहा। इसके आधार पर चारों आरोपियों को दोषी करार दिया गया।

कोर्ट ने सभी आरोपियों को तीन-तीन साल के कारावास और 40 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना जमा नहीं कराने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। हालांकि अदालत ने आरोपियों को आर्म्स एक्ट के मामले में दोषमुक्त कर दिया।
अदालत ने नहीं दी राहत। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत से नरमी बरतने की मांग की थी। आरोपियों की ओर से कहा गया कि वे गरीब परिवार से हैं और लंबे समय से मुकदमे का सामना कर रहे हैं।

इसके बावजूद अदालत ने अपराध की प्रकृति को गंभीर मानते हुए परिवीक्षा का लाभ देने से इनकार कर दिया। साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया कि आरोपियों द्वारा पहले से काटी गई पुलिस और न्यायिक हिरासत की अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: