ईरान जंग से कच्चा तेल 115 डॉलर के पार, एक्सपर्ट बोले– 150 डॉलर तक जा सकती है कीमत
ईरान जंग से कच्चा तेल 115 डॉलर के पार, एक्सपर्ट बोले– 150 डॉलर तक जा सकती है कीमत
नई दिल्ली। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है। सोमवार 9 मार्च को ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत करीब 25% बढ़कर 116 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो लगभग साढ़े तीन साल का उच्चतम स्तर है। इससे पहले 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान कच्चा तेल 100 डॉलर के पार गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि हालात ऐसे ही बने रहे तो कच्चे तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल तक भी पहुंच सकती है। इसका असर भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी पड़ सकता है और इनमें 5 से 6 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ोतरी संभव है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से बढ़ी चिंता
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की सबसे बड़ी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का असुरक्षित होना बताया जा रहा है। करीब 167 किमी लंबा यह समुद्री मार्ग फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। वर्तमान युद्ध के कारण इस मार्ग से तेल टैंकरों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का करीब 20% हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने तेल निर्यात के लिए इसी मार्ग पर निर्भर हैं। भारत भी अपनी जरूरत का करीब 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से आयात करता है।
ड्रोन हमलों से उत्पादन पर असर
रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने जवाबी कार्रवाई में कतर, सऊदी अरब और कुवैत की ऑयल फैसिलिटीज पर ड्रोन हमले किए हैं। इसके कारण इन देशों को उत्पादन में कटौती करनी पड़ी है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने क्षेत्र के अन्य ऊर्जा ठिकानों को भी निशाना बनाने की चेतावनी दी है।
10 दिनों में 60% तक महंगा हुआ तेल
28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष के बाद करीब 10 दिनों में कच्चा तेल लगभग 60% तक महंगा हो चुका है। इससे पहले रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान 2022 में ही तेल की कीमतों में इतनी तेज उछाल देखने को मिला था।
भारत के पास 7–8 हफ्तों का तेल स्टॉक
भारत सरकार का कहना है कि देश के पास फिलहाल पर्याप्त तेल भंडार मौजूद है। रिपोर्ट के अनुसार यदि सप्लाई पूरी तरह रुक भी जाए तो भी देश की जरूरतें 7 से 8 हफ्तों तक आसानी से पूरी की जा सकती हैं।
रूस से तेल खरीदने पर मिली छूट
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने 6 मार्च को बताया कि अमेरिकी प्रशासन ने भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए 30 दिन का विशेष लाइसेंस दिया है। इसका उद्देश्य वैश्विक बाजार में तेल सप्लाई को स्थिर रखना है।
भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर
भारत में पिछले चार सालों से पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगभग स्थिर बनी हुई हैं। वहीं हाल ही में घरेलू गैस सिलेंडर के दाम 60 रुपए बढ़ाकर दिल्ली में 913 रुपए कर दिए गए हैं, जबकि 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल सिलेंडर में 115 रुपए की बढ़ोतरी हुई है।
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