राजस्थान में ऑपरेशन सिंदूर की तर्ज पर होगी बमबारी, बॉर्डर इलाकों में पहली बार आसमान में बाज की तरह हमला करने वाला दिखेगा एयरक्राफ्ट
राजस्थान में ऑपरेशन सिंदूर की तर्ज पर होगी बमबारी, बॉर्डर इलाकों में पहली बार आसमान में बाज की तरह हमला करने वाला दिखेगा एयरक्राफ्ट
जैसलमेर। राजस्थान के बॉर्डर इलाके में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की तर्ज पर बमबारी होगी। दुश्मनों के ठिकानों को चुन-चुनकर नेस्तनाबूद किया जाएगा। आसमान में पहली बार बाज की तरह हमला करने वाला एयरक्राफ्ट दिखेगा। रिमोट से चलने वाला यह एयरक्राफ्ट पलक झपकते ही टारगेट का खात्मा करता है। इसके अलावा 277 अत्याधुनिक हथियारों का भी प्रदर्शन किया जाएगा।
जैसलमेर के पोकरण में 27 फरवरी को एयरफोर्स अपनी ताकत दिखाएगी। 2 साल में एक बार होने वाले इस युद्धाभ्यास का नाम ‘वायु शक्ति-2026’ रखा गया है। 24 फरवरी को फुल ड्रेस रिहर्सल होगी। मेन इवेंट 27 फरवरी को है। इस दौरान दुश्मन के ठिकानों का पता लगाना और आर्मी की मदद करते हुए हवाई हमले और बमबारी की प्रैक्टिस की जाएगी।
सेना के इस खास युद्धाभ्यास को देखने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह के आने की संभावना है।
एयर मार्शल नागेश कपूर ने बताया- इस साल होने वाले अभ्यास में फाइटर जेट, हेलिकॉप्टर, ड्रोन और रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट शामिल होंगे। अभ्यास का उद्देश्य वायुसेना की मारक क्षमता, तकनीक और स्वदेशी हथियारों की भूमिका को दिखाना है।
यह युद्धाभ्यास केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि दुनिया को यह संदेश देने का प्रयास है कि भारतीय वायुसेना दुश्मन के घर में घुसकर हमला करने और उसे नेस्तनाबूद करने की पूरी क्षमता रखती है।
इस अभ्यास में 12 हजार किलो बारूद बरसेगा और एयरफोर्स के 277 अत्याधुनिक हथियार देखने को मिलेंगे। इस बार 150 किलो का RPA यानी रिमोटली पायलट एयरक्राफ्ट भी पहली कमाल दिखाएगा। ये हवा में किसी बाज की तरह कई घंटों तक मंडराता रहता है और टारगेट मिलते ही मिसाइल बनकर उससे टकरा जाता है।
एयर मार्शल नागेश कपूर ने बताया- इस पूरे आयोजन की प्रेरणा 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता से मिली है। उन्होंने कहा कि जिस तरह ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय एयरफोर्स ने हवाई क्षेत्र में अपना दबदबा कायम किया था और लंबी दूरी की सटीक टारगेटिंग से दुश्मन को धूल चटा दी थी।
उसी 'मल्टी-डोमेन' ऑपरेशन का जीवंत प्रदर्शन 27 फरवरी को पोकरण की फायरिंग रेंज में किया जाएगा। वायुसेना इस बार यह दिखाएगी कि कैसे स्वदेशी और आधुनिक प्लेटफॉर्म्स का तालमेल युद्ध के मैदान में निर्णायक असर डाल सकता है।
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