Khulasa Online
Header Ad 1
Breaking
• बड़ी खबर : अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के टैरिफ किए रद्द, भारत पर लगा 18 फीसदी टैरिफ भी अवैध घोषित • खत्म हुई इस क्रिकेटर की शादी, सोशल मीडिया पर दी तलाक की जानकारी • महिला के पेट से कैंची नुमा सर्जिकल टूल निकला, एक्स-रे में पता चला, बोली- 5 साल पहले ऑपरेशन हुआ • लॉरेंस गैंग की ‘मैडम जहर’ अरेस्ट : यहां चलाती थी ब्यूटी पार्लर; बॉयफ्रेंड गैंगस्टर बॉबी संग करती थी ये काम • कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बोले - राहुल भी अपमानित हैं, फिर मेरे अपमान की क्या कीमत; 22 फरवरी को भाजपा में होंगे शामिल • बड़ी खबर : अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के टैरिफ किए रद्द, भारत पर लगा 18 फीसदी टैरिफ भी अवैध घोषित • खत्म हुई इस क्रिकेटर की शादी, सोशल मीडिया पर दी तलाक की जानकारी • महिला के पेट से कैंची नुमा सर्जिकल टूल निकला, एक्स-रे में पता चला, बोली- 5 साल पहले ऑपरेशन हुआ • लॉरेंस गैंग की ‘मैडम जहर’ अरेस्ट : यहां चलाती थी ब्यूटी पार्लर; बॉयफ्रेंड गैंगस्टर बॉबी संग करती थी ये काम • कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बोले - राहुल भी अपमानित हैं, फिर मेरे अपमान की क्या कीमत; 22 फरवरी को भाजपा में होंगे शामिल

बड़ी खबर : अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के टैरिफ किए रद्द, भारत पर लगा 18 फीसदी टैरिफ भी अवैध घोषित

11 hours ago
बड़ी खबर : अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के टैरिफ किए रद्द, भारत पर लगा 18 फीसदी टैरिफ भी अवैध घोषित

बड़ी खबर : अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के टैरिफ किए रद्द, भारत पर लगा 18 फीसदी टैरिफ भी अवैध घोषित

वॉशिंगटन। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ग्लोबल टैरिफ को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने दूसरे देशों पर लगाए गए टैरिफ को अवैध बताया है। भारत पर लगा 18% रेसिप्रोकल टैरिफ भी अब अवैध घोषित हो गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि संविधान के तहत टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार सिर्फ कांग्रेस (संसद) को है, राष्ट्रपति को नहीं।

ट्रम्प ने टैरिफ पर सुनवाई को लेकर कहा था कि अगर केस हारे तो देश बर्बाद हो जाएगा। कोर्ट का यह फैसला ट्रम्प की आर्थिक नीतियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

दरअसल, अप्रैल 2025 में ट्रम्प ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए दुनिया के कई देशों से आने वाले सामान पर भारी टैरिफ यानी आयात शुल्क लगा दिए थे। टैरिफ का मतलब होता है कि किसी देश से आने वाले सामान पर ज्यादा टैक्स लगाया जाए, ताकि वह महंगा हो जाए और घरेलू कंपनियों को फायदा मिले।

फैसले से सभी टैरिफ खत्म नहीं होंगे

कोर्ट के आदेश से ट्रम्प के सभी टैरिफ खत्म नहीं हुए हैं। स्टील और एल्युमिनियम पर लगाए गए टैरिफ अलग कानूनों के तहत लगाए गए थे, इसलिए वे अभी भी लागू रहेंगे।

हालांकि, दो बड़े कैटेगरी के टैरिफ पर रोक लग गई है। पहली कैटेगरी रेसिप्रोकल टैरिफ की है, जो ट्रम्प ने अलग-अलग देशों पर लगाए थे। इसमें चीन पर 34% और बाकी दुनिया के लिए 10% बेसलाइन टैरिफ तय किया गया था। कोर्ट के फैसले के बाद ये टैरिफ अमान्य हो गए हैं।

दूसरी कैटेगरी 25% टैरिफ की है, जो ट्रम्प ने कनाडा, चीन और मैक्सिको से आने वाले कुछ सामान पर लगाया था। ट्रम्प प्रशासन का कहना था कि इन देशों ने अमेरिका में फेंटेनाइल की तस्करी रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए। कोर्ट के फैसले ने इस 25% टैरिफ को भी निरस्त कर दिया है।

Article Ad 2

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: