26 अप्रेल का दिन होगा ऐतिहासिक : हजारों विद्यार्थियों को मिलेगा मार्गदर्शन, सीमित सीटें, आज ही करवाएं रजिस्ट्रेशन
26 अप्रेल का दिन होगा ऐतिहासिक : हजारों विद्यार्थियों को मिलेगा मार्गदर्शन, सीमित सीटें, आज ही करवाएं रजिस्ट्रेशन
दसवीं में ही हो करियर का चुनाव, तभी सपनों की उड़ान होगी मजबूत : डॉ. जालुराम मोटसरा
बीकानेर। आगामी 26 अप्रेल बीकानेर के हजारों विद्यार्थियों के लिए एक ऐतिहासिक दिन साबित होगा। इस दिन विद्यार्थियों को उनका करियर चुनने में ईवा क्लासेज और दैनिक भास्कर सेतु का कार्य करेगा। ईवा क्लासेज के डायरेक्टर डॉ. जालुराम मोटसरा ने बताया कि 26 अप्रेल 2026, रविवार को रविन्द्र रंगमंच में हजारों विद्यार्थियों के लिए सपनों की उड़ान करियर काउंसलिंग सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। यह सेमिनार ऐतिहासिक इसलिए होगा क्योंकि हजारों विद्यार्थियों का मार्गदर्शन ईवा क्लासेज के वे सफल विद्यार्थी करेंगे जो स्वयं उच्च पदों पर कार्यरत हैं। हाल ही में एसएसएसी सीजीएलई 2025 में सलेक्ट हुए स्टूडेंट भी अपना अनुभव साझा करेंगे।
यह सेमिनार आपको केवल परीक्षा, विषय चयन के बारे में ही नहीं बल्कि सफलता के सूत्र भी बताया जाएगा। सेमिनार में नि:शुल्क प्रवेश है तथा 25 अप्रेल 2026 तक रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। खास बात यह है कि ईवा क्लासेज का यह प्रयास केवल बीकानेर के शहरी ही नहीं बल्कि आसपास गांव-तहसीलों के विद्यार्थियों के लिए भी उत्सुकता भरा है और रोजाना सेमिनार में शामिल होने के लिए आवेदन आ रहे हैं।
डॉ. जालुराम मोटसरा का 21 वर्षों का विजन, हजारों विद्यार्थियों के इंग्लिश फोबिया को दूर भगाया
ईवा क्लासेज के संस्थापक डॉ. जालुराम मोटसरा ने सेमिनार के एजेंडे को स्पष्ट करते हुए बताया कि विषय चयन का निर्णय कक्षा दसवी के बाद में ही हो जाना चाहिए। यदि छात्र यहाँ चूक जाता है तो ग्रेजुएशन तक कन्फ्यूजन रहता है, इसलिए भविष्य में एक कठिन लड़ाई के लिए तैयार रहें, जहाँ प्रतियोगी परीक्षाओं में इंग्लिश, मैथ्स, रीजनिंग और जीके का सामना करना पड़ेगा। अक्सर छात्र इनमें से दो विषयों में कमजोर रह जाते हैं, जिससे चयन की राह मुश्किल हो जाती है। डॉ. जालुराम अपने अनुभव यात्रा को साझा करते हुए बताते हैं कि वे 2004 में बीकानेर एक विशेष विजऩ के साथ आए और पिछले 21 वर्षों में उन्होंने विद्यार्थियों में व्याप्त इंग्लिश के फोबिया को काफी हद तक कम किया है। डॉ. मोटसरा का संकल्प है कि किसी भी विद्यार्थाी में यदि इंग्लिश का फोबिया है तो वे उस फोबिया को जड़ से उखाड़ फेंकने जितनी क्षमता रखते हैं, जिसके उदाहरण विगत 21 वर्षों में हजारों स्टूडें्टस के रूप में देखे जा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्र का इंग्लिश मीडियम होना जरूरी नहीं है, बल्कि इंग्लिश की समझ उस स्तर की होनी चाहिए कि वह नेशनल और इंटरनेशनल लेवल के सभी एग्जाम्स निकाल सके। आज कई बच्चे इंग्लिश मीडियम स्कूलों में पढ़कर भी भाषा में कमजोर हैं, जिससे अंतत: उनके सपनों की उड़ान कमजोर हो जाती है।
राजपाल गोदारा बताएंगे कि अंकों से ही सफलता का आकलन नहीं होता
साइंस स्ट्रीम से आने वाले विद्यार्थियों की चुनौतियों पर बात करते हुए डॉ. जालुराम मोटसरा ने कहा कि लॉजिक समझने की क्षमता होने के बावजूद साइंस के छात्र अक्सर हिस्ट्री, पॉलिटिकल साइंस और ज्योग्राफी जैसे विषयों में उलझ जाते हैं। आज के समय में जीके और जनरल साइंस जिस ऊंचे स्तर पर पहुँच चुके हैं, उसे समझने के लिए सही मार्गदर्शन और पर्याप्त समय की आवश्यकता है। वैश्विक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए डॉ. जालुराम मोटसरा ने बताया कि अगर किसी विद्यार्थी को अमेरिका, जापान, चीन या जर्मनी जैसे देशों में रिसर्च या करियर बनाना है, तो एक्सीलेंट इंग्लिश के साथ एक फोरेन लैंग्वेज में निपुणता आज की सबसे बड़ी जरूरत है। इसी ग्लोबल विजऩ को ध्यान में रखते हुए इस सेमिनार में ऑक्सफोर्ड, कैम्ब्रिज और येल जैसी यूनिवर्सिटीज में स्कॉलरशिप पा चुके राजपाल गोदारा (फाउंडर- राइज प्वाइंट), जो कि ईवा क्लासेज के स्टूडेंट रहे हैं। लूणकरनसर के मोखमपुरा गांव निवासी राजपाल गोदारा इस सेमिनार के मुख्य व्यक्ता होंगे। बात यदि केवल अंकों की करें तो राजपाल गोदारा ने कक्षा 10 व 12 में 40 प्रतिशत अंक होने के बावजूद भी करियर की ऊंचाइयों को छुआ है। यह अन्य विद्यार्थियों को बताएंगे कि अंकों से सफलता का आकलन नहीं किया जा सकता, जुनून, मेहनत और सही मार्गदर्शन ही आपको सफल बनाता है।
सेमिनार में रजिस्ट्रेशन के लिए 9413388280, 8619406514 पर सम्पर्क किया जा सकता है
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