Khulasa Online
Breaking
• राजस्थान में सस्ती बिजली पर संकट: सोलर ओवरफ्लो से लाखों यूनिट बिजली बेकार • बड़ी खबर: बिल्डिंग में लगी भीषण आग, नौ लोगो की मौत,कुछ के सिर्फ कंकाल मिले • हादसा: तेज आंधी में डूबा क्रूज, 9 की मौत, कई अब भी लापता • बीकानेर में दर्दनाक हादसा: पशु से टकराई बाइक, युवक की मौत • निगहबानी के साथ आत्मनिर्भरता भी : ऐसी एंटी शिप मिसाइल बना रहा भारत, जिसकी रफ्तार जानकर दुश्मन रह जाएंगे हैरान! • राजस्थान में सस्ती बिजली पर संकट: सोलर ओवरफ्लो से लाखों यूनिट बिजली बेकार • बड़ी खबर: बिल्डिंग में लगी भीषण आग, नौ लोगो की मौत,कुछ के सिर्फ कंकाल मिले • हादसा: तेज आंधी में डूबा क्रूज, 9 की मौत, कई अब भी लापता • बीकानेर में दर्दनाक हादसा: पशु से टकराई बाइक, युवक की मौत • निगहबानी के साथ आत्मनिर्भरता भी : ऐसी एंटी शिप मिसाइल बना रहा भारत, जिसकी रफ्तार जानकर दुश्मन रह जाएंगे हैरान!
Arham School
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti
Trade Fair

वर्षों बाद घुली रिश्तों में मिठास,ये दो जातियां बैठी एक जाजम पर,खाया मीठा खींचड़ा

rk
2 weeks ago
वर्षों बाद घुली रिश्तों में मिठास,ये दो जातियां बैठी एक जाजम पर,खाया मीठा खींचड़ा


वर्षों बाद घुली रिश्तों में मिठास,ये दो जातियां बैठी एक जाजम पर,खाया मीठा खींचड़ा
 बीकानेर।वर्तमान में सता प्राप्ति के लिये जहां जातिय आधार पर टिकटों का वितरण व जातिय कार्ड खेलकर चुनाव जीतने की परम्परा चल पड़ी है। वहीं बीकानेर की स्थापना में एक ऐसा किस्सा भी है। जो इतिहास के पन्नों में जातिय बंधन की मुक्ति के लिये मील का पत्थर साबित हुआ। ये अलग बात है कि आने वाली पीढिय़ों ने उन परम्पराओं का निर्वहन नहीं किया। परम्पराओं को जीवंत रखने वाले बीकानेर में आज 42 साल बाद एक बार फिर एक ऐसी परम्परा की शुरूआत हुई है। जो दो समाजों में आई दूरियों को पाटने का काम करेगी। इतना ही नहीं इस परम्परा के चालू रहने से सामाजिक सौहाद्र्र भी मजबूत होगा। जी हां ऐसा अनूठा नजारा आज बीकानेर के रानीबाजार स्थित जय हाउस में देखने को मिला। जहां 42 साल बाद एक बार फिर राजपूत और जाट समाज के लोगों ने एक जाजम पर बैठकर मीठा खीचड़ा खाया। पूर्व उपराष्ट्रपति भैरासिंह शेखावत के नातिन और पूर्व विधायक नरपतसिंह राजवी के बेटे अभिमन्युसिंह राजवी ने बीकानेर राज परिवार की इस परंपरा को वापस शुरू करने का प्रयास किया है। इसमें जाट समाज की सात बिरादरी के लोगों के अलावा दोनों समाज के अन्य प्रमुख लोगों को भी न्यौता देकर बुलाया गया। इसके लिए लूणकरणसर तहसील के शेखसर और रुणिया बड़ा बास में रहने वाले पांडु गोदारों के अलावा,बेनीवाल,कस्वा,सहारण,सींवर,पूनिया और सियाग जातियों के लोगों को आमंत्रण दिया है। इतिहास के पन्नों को खंगाले तो पता चला कि बीकानेर दुर्ग की नींव की ईंट करणी मां के अलावा गोदारा समाज ने रखी थी बीकानेर के संस्थापक राव बीका और उनके समकालीन जाट सरदारों के बीच 1545 से पहले एक संधि हुई। इस संधि के कारण ही आगे जाकर राजपूताने में बीकानेर राज्य की स्थापना हुई। जो आज विश्वभर में अपनी संस्कृति,इतिहास,शिल्पकला के लिए जाना जाता है। इतिहासकार बताते हैं कि बीकानेर स्थापना के दिन दुर्ग की नींव की ईंट करणी माता के बाद,गोदारा जाटों ने रखी थी। उस ही दिन राव बीका जी ने सभी जाट सरदारों को मीठा खीचड़ा जीमाकर अपने रिश्तों को और सुदृढ़ करते हुए कहा,मेरे वंश में बीकानेर के आने वाले राजा का राजतिलक पांडुजी गोदारा के वंशजों के हाथ से ही होगा।इसी रिश्ते की नींव के कारण सदियों तक बीकानेर के स्थापना दिवस,आखाबीज पर राव बीकाजी के वंशज अपने गांव के जाट सरदारों को अपने डेरे पर खीचड़ा जीमाते थे। राव बीका और तत्कालिक जाट राजाओं के बीच हुई संधि में यह कहा गया था कि बीकाणे के राजसिंहासन पर विराजित होने वाले राजा का पहला तिलक करने का अधिकारी पांडु गोदारा के वंशजों का रहेगा। बताया जाता है कि राव बीकाजी से लेकर अंतिम शासक नरेंद्रसिंह का राजतिलक भी पांडु गोदारों ने ही किया था। इसके बाद राजमाता के राजतिलक की परंपरा को ही बंद कर दिया था। विदित रहे कि 4 सितंबर 1988 को महाराजा करणीसिंह के देहांत के बाद महाराज कुमार नरेंद्रसिंह का राजतिलक किया गया था। महाराज कुमार नरेंद्रसिंह के बाद बीकानेर में किसी के राजतिलक को राजमाता सुशीला कुमारी ने मान्यता नहीं दी। जिससे यह परम्परा बंद हो गई थी।
इनकी रही मौजूदगी
वर्षों बाद शुरू हुए इस आयोजन के वर्षों बाद शुरू हुए इस आयोजन के सागर आश्रम के शिवबाड़ी मठ के अधिष्ठाता विमर्शानंद महाराज,रामेश्वरानंद महाराज,भाजपा जिलाध्यक्ष सुमन छाजेड़,दीपक पारीक,जयवीर गोदारा,श्रीडूंगरगढ़ के पूर्व पालिकाध्यक्ष छैलू सिंह,करणी राजपूत सेना के अध्यक्ष करणप्रताप सिंह सिसोदिया, प्रदीप सिंह चौहान सहित बड़ी संख्या में अनेक समाज लोग मौजूद थे ।

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: