कोरोना के बाद इस वायरस ने पूरी दुनिया में फैलाई दहशत, तीन और यात्री हुए संक्रमित, अब तक इतने लोगो की हुई मौत
कोरोना के बाद इस वायरस ने पूरी दुनिया में फैलाई दहशत, तीन और यात्री हुए संक्रमित, अब तक इतने लोगो की हुई मौत
हंतावायरस के संपर्क में आए 3 और लोगों में संक्रमण मिला है। इनमें एक अमेरिकी और एक फ्रांसीसी यात्री शामिल हैं, जो पहले अपने-अपने देश लौट चुके थे। वहीं, मैड्रिड में क्वारैंटाइन एक स्पेनिश नागरिक की शुरुआती रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। अब तक 3 यात्रियों की मौत हो चुकी है। 11 अप्रैल को एक बुजुर्ग डच यात्री की जहाज पर मौत हुई थी। उनकी पत्नी बाद में दक्षिण अफ्रीका में मृत मिलीं। 2 मई को एक जर्मन महिला की जहाज पर मौत हो गई।
ये सभी यात्री ‘MV होंडियस’ नाम की उस क्रूज शिप से लौटे हैं, जहां वायरस के मामले सामने आए थे। यह जहाज स्पेन के कैनरी आइलैंड्स में रुका था। WHO के मुताबिक जहाज से जुड़े हंतावायरस के 9 केस कन्फर्म हो चुके हैं। WHO ने जहाज से लौटने वाले सभी लोगों के लिए 42 दिन आइसोलेशन की सिफारिश की है। हालांकि अमेरिकी CDC ने कहा कि वायरस का इंसान से इंसान में फैलना दुर्लभ है और इसे कोविड जैसी महामारी नहीं माना जाना चाहिए।
हंतावायरस के लक्षण दिखने में 8 हफ्ते तक लग सकते हैं
दुनियाभर में एक बार फिर वायरस संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस बार चर्चा में है हंतावायरस, जिसके मामले एक क्रूज शिप से जुड़े संक्रमण के बाद तेजी से सामने आ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार ‘MV Hondius’ नामक क्रूज शिप से जुड़े हंतावायरस संक्रमण के कई मामले सामने आए हैं और अब तक तीन यात्रियों की मौत हो चुकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल ही में तीन और यात्रियों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें एक अमेरिकी और एक फ्रांसीसी यात्री शामिल हैं, जो अपने-अपने देशों लौट चुके थे। वहीं स्पेन के मैड्रिड में क्वारैंटाइन किए गए एक व्यक्ति की शुरुआती रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है।
क्रूज शिप से फैला संक्रमण
यह सभी यात्री ‘MV Hondius’ नामक क्रूज शिप से लौटे थे, जहां हंतावायरस संक्रमण के मामले सामने आए। यह जहाज स्पेन के कैनरी आइलैंड्स पहुंचा था। WHO के अनुसार जहाज से जुड़े कई मामलों की पुष्टि हो चुकी है और यात्रियों की निगरानी जारी है। WHO ने जहाज से लौटे यात्रियों के लिए 42 दिन तक आइसोलेशन और स्वास्थ्य निगरानी की सलाह दी है। हालांकि अमेरिकी CDC ने स्पष्ट किया है कि यह वायरस कोविड-19 जैसी महामारी बनने की संभावना फिलहाल नहीं दिखा रहा और इंसान से इंसान में इसका फैलाव बहुत दुर्लभ माना जाता है।
क्या है हंतावायरस?
हंतावायरस एक खतरनाक वायरस है, जो मुख्य रूप से चूहों और गिलहरियों जैसे संक्रमित जानवरों के मल, पेशाब और लार से फैलता है। इसका नाम दक्षिण कोरिया की “हंटन” नदी के नाम पर रखा गया है। WHO के अनुसार “एंडीज” नाम की इसकी एक विशेष किस्म इंसानों के बीच भी फैल सकती है। संक्रमित व्यक्ति की लार, थूक, नजदीकी संपर्क, साथ भोजन करने या एक ही बिस्तर पर सोने से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
लक्षण और खतरा
हंतावायरस संक्रमण के लक्षण दिखने में 1 से 8 सप्ताह तक लग सकते हैं। शुरुआत में तेज बुखार, शरीर दर्द, कमजोरी और सांस लेने में दिक्कत होती है। गंभीर स्थिति में फेफड़ों में पानी भर सकता है और किडनी फेल होने का खतरा भी रहता है विशेषज्ञों के मुताबिक इस वायरस से संक्रमित गंभीर मरीजों में मृत्यु दर 35 से 40 प्रतिशत तक हो सकती है।
पहले भी सामने आ चुके हैं मामले
हंतावायरस का पहला बड़ा मामला 1993 में अमेरिका में सामने आया था। इसके अलावा 2018 में अर्जेंटीना में एक बर्थडे पार्टी के दौरान भी यह वायरस कई लोगों में फैला था, जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी। स्वास्थ्य एजेंसियां फिलहाल इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और यात्रियों की लगातार जांच की जा रही है।
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