ट्रम्प के टैरिफ कट ऐलान से शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 2300 अंक उछला
ट्रम्प के टैरिफ कट ऐलान से शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 2300 अंक उछला
नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% करने के ऐलान के बाद 3 फरवरी को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। ट्रेड डील की सकारात्मक खबर से निवेशकों में उत्साह रहा, जिससे सेंसेक्स 2300 अंक (2.40%) की बढ़त के साथ 84,600 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया, जबकि निफ्टी 700 अंक (2.75%) चढ़कर 25,800 पर पहुंच गया। बाजार में रियल्टी, ऑटो और आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखने को मिली, जहां निफ्टी रियल्टी इंडेक्स करीब 5% और आईटी व ऑटो इंडेक्स लगभग 4% चढ़े। वहीं मेटल, फार्मा, हेल्थकेयर और बैंकिंग सेक्टर में भी करीब 3% की मजबूती रही। निफ्टी-50 के 50 में से 46 शेयर हरे निशान में बंद हुए।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील का सबसे ज्यादा असर अडाणी ग्रुप के शेयरों पर दिखा, जो 13% तक उछल गए। ब्रोकरेज फर्म जेफरीज के अनुसार अमेरिका में अडाणी ग्रुप की मजबूत मौजूदगी के चलते इसके शेयरों में तेजी आई है। अडाणी ग्रीन करीब 12.87% उछलकर ₹951.35 पर पहुंच गया, अडाणी एंटरप्राइजेज 11.4% बढ़कर ₹2,222.35 पर ट्रेड करता दिखा, जबकि अडाणी पोर्ट्स 8.35% और अडाणी पावर 7.75% की तेजी के साथ बंद हुए। इससे पहले 1 फरवरी को बजट में STT टैक्स बढ़ने के ऐलान से बाजार में भारी गिरावट आई थी, लेकिन ट्रेड डील की खबर ने निवेशकों का भरोसा फिर से मजबूत कर दिया।
टैरिफ घटने से भारत को 5 फायदे
1. अमेरिका में सस्ता होगा भारतीय सामान: अमेरिका ने भारतीय सामानों पर लगने वाले टैक्स को 50% से घटाकर 18% कर दिया है। इसका मतलब है कि 'मेड इन इंडिया' प्रोडक्ट अब अमेरिका में पहले से सस्ते बिकेंगे, जिससे उनकी डिमांड बढ़ेगी।
2. कपड़ा और गारमेंट सेक्टर में ग्रोथ: टेक्सटाइल इंडस्ट्री को सबसे ज्यादा फायदा होगा क्योंकि भारत के कुल कपड़ा निर्यात का 28% हिस्सा अकेले अमेरिका जाता है। टैक्स कम होने से भारतीय कपड़े ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे।
3. इंजीनियरिंग और ऑटो पार्ट्स को नए ऑर्डर: भारत से अमेरिका जाने वाले सामानों में सबसे बड़ा हिस्सा मशीनरी और ऑटो पार्ट्स का है। टैक्स घटने से इन कंपनियों का मुनाफा बढ़ेगा और उन्हें अमेरिका से नए और बड़े ऑर्डर्स मिलने में आसानी होगी।
4. सीफूड और ज्वैलरी व्यापारियों को राहत: समुद्री भोजन और हीरे-जवाहरात के निर्यात पर लागत कम आएगी। इससे इस सेक्टर से जुड़ी कंपनियों और ज्वेलर्स को फायदा होगा।
5. शेयर बाजार और रुपया होगा मजबूत: इस डील से सेंटीमेंट बदलेगा, जि