Khulasa Online
Breaking
• एसआई भर्ती मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में होगी अहम सुनवाई, रद्द होने पर चयनित उम्मीदवारों ने दी थी चुनौती, सरकार ने अभी तक अपील नहीं की • उम्मीदवारों के लिए जरूरी खबर : कल जारी होंगे नीट यूजी के लिए प्रवेश पत्र, इतने बजे से कर सकेंगे डाउनलोड • ट्रंप के कार्यक्रम में गोलीबारी का घटनाक्रम : कैसे सुरक्षा घेरा तोड़ घुसा संदिग्ध, फायरिंग के बाद कब-क्या हुआ? • टेकऑफ के दौरान विमान का इंजन फेल,आग लगी, कई यात्री घायल,  दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला • भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में इतने प्रतिशत होंगी महिलाएं, संसदीय बोर्ड से सचिव स्तर तक फॉर्मूला लागू • एसआई भर्ती मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में होगी अहम सुनवाई, रद्द होने पर चयनित उम्मीदवारों ने दी थी चुनौती, सरकार ने अभी तक अपील नहीं की • उम्मीदवारों के लिए जरूरी खबर : कल जारी होंगे नीट यूजी के लिए प्रवेश पत्र, इतने बजे से कर सकेंगे डाउनलोड • ट्रंप के कार्यक्रम में गोलीबारी का घटनाक्रम : कैसे सुरक्षा घेरा तोड़ घुसा संदिग्ध, फायरिंग के बाद कब-क्या हुआ? • टेकऑफ के दौरान विमान का इंजन फेल,आग लगी, कई यात्री घायल,  दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला • भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में इतने प्रतिशत होंगी महिलाएं, संसदीय बोर्ड से सचिव स्तर तक फॉर्मूला लागू
Arham School
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti
Trade Fair

ईरान को ट्रम्प की सख्त चेतावनी: 3 दिन में सीजफायर नहीं तो तेल पाइपलाइन को करेंगे ब्लास्ट

rk
6 hours ago
ईरान को ट्रम्प की सख्त चेतावनी: 3 दिन में सीजफायर नहीं तो तेल पाइपलाइन को करेंगे ब्लास्ट
ईरान को ट्रम्प की सख्त चेतावनी: 3 दिन में सीजफायर नहीं तो तेल पाइपलाइन को करेंगे ब्लास्ट 
 
डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास युद्ध खत्म करने के लिए सीजफायर पर सहमत होने के लिए सिर्फ तीन दिन का समय है, अन्यथा उसकी तेल पाइपलाइन को गंभीर नुकसान हो सकता है। Fox News को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि यदि ईरान तेल का निर्यात नहीं कर पाता, तो पाइपलाइनों में दबाव बढ़ जाएगा। उन्होंने समझाया कि जब तेल को जहाजों या स्टोरेज टैंकों तक पहुंचाने के रास्ते बंद हो जाते हैं और नाकेबंदी लागू होती है, तो पाइपलाइन के अंदर अत्यधिक दबाव बनता है, जिससे तकनीकी कारणों से विस्फोट की आशंका बढ़ जाती है। ट्रम्प के अनुसार, अगर ऐसी स्थिति पैदा होती है तो पाइपलाइन को दोबारा पहले जैसी स्थिति में लाना लगभग असंभव होगा और उसकी क्षमता भी काफी कम हो जाएगी।
 
न्यूक्लियर और होर्मुज मुद्दे पर ईरान का सख्त रुख
ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी समझौते को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उसने स्पष्ट कर दिया है कि अपने न्यूक्लियर कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े मुद्दों पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
 
ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, यह संदेश पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका तक पहुंचाया गया है। ईरान ने इन दोनों विषयों को अपनी “रेड लाइन” बताते हुए कहा कि इन पर किसी भी प्रकार की बातचीत या समझौता संभव नहीं है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि यह कोई औपचारिक वार्ता नहीं है, बल्कि अपनी स्थिति स्पष्ट करने की एक कूटनीतिक पहल है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस पूरे मामले में निर्धारित सीमाओं के भीतर रहकर अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: