Khulasa Online
Breaking
• बैंक कर्मचारियों ने कहा था- जिसका खाता उसे लेकर आओ, मरी हुई बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा शख्स, सामने आई चौंकाने वाली घटना • सांसद की कार पर ईंट-पत्थर से हमला, सांसद, उनका ड्राइवर घायल; 3 भाजपा कार्यकर्ता अरेस्ट • एसआई भर्ती मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में होगी अहम सुनवाई, रद्द होने पर चयनित उम्मीदवारों ने दी थी चुनौती, सरकार ने अभी तक अपील नहीं की • उम्मीदवारों के लिए जरूरी खबर : कल जारी होंगे नीट यूजी के लिए प्रवेश पत्र, इतने बजे से कर सकेंगे डाउनलोड • ट्रंप के कार्यक्रम में गोलीबारी का घटनाक्रम : कैसे सुरक्षा घेरा तोड़ घुसा संदिग्ध, फायरिंग के बाद कब-क्या हुआ? • बैंक कर्मचारियों ने कहा था- जिसका खाता उसे लेकर आओ, मरी हुई बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा शख्स, सामने आई चौंकाने वाली घटना • सांसद की कार पर ईंट-पत्थर से हमला, सांसद, उनका ड्राइवर घायल; 3 भाजपा कार्यकर्ता अरेस्ट • एसआई भर्ती मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में होगी अहम सुनवाई, रद्द होने पर चयनित उम्मीदवारों ने दी थी चुनौती, सरकार ने अभी तक अपील नहीं की • उम्मीदवारों के लिए जरूरी खबर : कल जारी होंगे नीट यूजी के लिए प्रवेश पत्र, इतने बजे से कर सकेंगे डाउनलोड • ट्रंप के कार्यक्रम में गोलीबारी का घटनाक्रम : कैसे सुरक्षा घेरा तोड़ घुसा संदिग्ध, फायरिंग के बाद कब-क्या हुआ?
Arham School
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti
Trade Fair

फ्लू के नए वैरिएंट्स से इन देशों में मचा हडक़ंप, मरीजों की संख्या में हुई तेजी से हुई बढोत्तरी

rk
3 months ago
फ्लू के नए वैरिएंट्स से इन देशों में मचा हडक़ंप, मरीजों की संख्या में हुई तेजी से हुई बढोत्तरी

फ्लू के नए वैरिएंट्स से इन देशों में मचा हडक़ंप, मरीजों की संख्या में हुई तेजी से हुई बढोत्तरी
नई दिल्ली । आमतौर पर सामान्य मानी जाने वाली सर्दी-खांसी की समस्या और इन्फ्लूएंजा (फ्लू) का संक्रमण अब नई तरह की चिंता बढ़ाते जा रहा है। पिछले साल यूएस-यूके सहित कई देशों में फ्लू के नए वैरिएंट्स का व्यापक असर देखा गया, लिहाजा न सिर्फ अस्पतालों में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी साथ ही कई लोगों की जान भी गई।
दिसंबर से कई देशों में एक बार फिर से फ्लू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। पूरे अमेरिका और कनाडा में फ्लू की बीमारी स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टेंशन बढ़ाता जा रहा है। मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक यहां मामलों में वृद्धि के लिए विशेषज्ञ फ्लू के नए वैरिएंट को प्रमुख कारण मान रहे हैं।
वैसे तो 9 जनवरी तक के डेटा के अनुसार कनाडा में संक्रमण के मामले कम हो रहे हैं, लेकिन सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के डेटा के अनुसार, अमेरिका में अभी फ्लू का पीक आना बाकी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस बढ़ते खतरे को लेकर सभी लोगों को निरंतर सावधानी बरतते रहने की सलाह दी है।
सुपरफ्लू वैरिएंट बढ़ा रहा है टेंशन
जनवरी की शुरुआत में, न्यूयॉर्क में एक ही हफ्ते में फ्लू के मामलों ने हडक़ंप मचा दी थी। फ्लू के मामलों में इस तेजी के लिए विशेषज्ञ सुपरफ्लू या सबक्लेड-के वैरिएंट को जिम्मेदार बताया जा रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हर साल, इन्फ्लूएंजा वायरस के जो सबवेरिएंट सबसे ज्यादा फैलते हैं, उनमें थोड़ा बदलाव देखा जाता रहा है। इस साल, सबसे ज्यादा फैलने वाला वेरिएंट सबक्लेड-के है, जो इन्फ्लूएंजा ए3एन2 का एक सबटाइप है। सबक्लेड-के को पहली बार जुलाई 2025 में ऑस्ट्रेलिया में पाया गया था। इस सीजन में अब तक यह अमेरिका में 91.5त्न तक संक्रमण के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। कनाडा में भी मामलों में बढ़ोतरी के लिए यही जिम्मेदार है।
मीडिया रिपोट्र्स से पता चलता है कि जिस तेजी से फ्लू के मामले बढ़े हैं, उससे स्पष्ट होता है कि सबक्लेड-के एक बहुत ज्यादा संक्रामक वेरिएंट साबित हुआ है। कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में एच3 इन्फ्लूएंजा वायरस कम लेवल पर फैले हैं, जिससे आम लोगों में इम्यूनिटी का लेवल कम हो गया होगा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ज्यादातर मामलों में संक्रमितों में 104 या 105 डिग्री का तेज बुखार देखा जा रहा हैं, जबकि फ्लू में आमतौर पर हल्का बुखार होता है। यह अपने आप में खतरनाक नहीं है, लेकिन छोटे बच्चों में इससे डिहाइड्रेशन सहित कई अन्य जोखिमों को खतरा हो सकता है।

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: