बीकानेर: पांच साल से एक ही जगह पर कार्यरत कर्मचारी हटेंगे, शिक्षा मंत्री ने मांगे नाम
बीकानेर: पांच साल से एक ही जगह पर कार्यरत कर्मचारी हटेंगे, शिक्षा मंत्री ने मांगे नाम
बीकानेर। शिक्षा निदेशालय में इस वक्त खलबली है। वो इसलिए क्योंकि साल भर पहले निदेशालय की मीटिंग में मंत्री जो कह कर गए थे उसकी पालना नहीं हुई। ऊपर से उनके आदेश के विरुद्ध जाकर निदेशालय और सचिवालय से निर्णय हो रहे। इसलिए मंत्री खफा हैं और उन्होंने निदेशालय में पांच साल से ज्यादा जमे लोगों के नाम मांगे हैं। मंगलवार से ही लिस्ट बनानी शुरू हो गई। माना जा रहा है कि जल्दी ही निदेशालय में बड़ा फेरबदल देखने को मिलेगा। इसके साथ ही कुछ वित्तीय सलाहकारों पर भी तलवार लटक सकती है।
दरअसल शिक्षा महकमें में हितकारी निधि में जरूरत से ज्यादा कार्मिक लगे हुए हैं। मंत्री ने 2024 में ही हितकारी निधि में लगे 3 कार्मिकों को हटाने के लिए कहा था मगर मंत्री के आदेश निदेशालय में कैसे दरकिनार किए जाते हैं वो इस वक्त के हालात से पता लग रहा है। इसके साथ ही मंत्री ने पिछले साल निदेशालय में मीटिंग ली थी। उसमें पांच साल से जमे कार्मिकों को हटाने के निर्देश दिए थे। क्योंकि कुछ कार्मिकों ने तो निदेशालय पर ऐसा कब्जा जमाया जो यहां से बाहर जाना ही नहीं चाहते। उसकी मुख्य वजह है निदेशालय से बैठकर पूरे प्रदेश में अपनी धौंस जमाना।
सरकार चाहे कांग्रेस की हो या भाजपा की मगर लोग यहां 10 से 20 साल से जमे हें। कुछ ने पूरी नौकरी ही यही कर ली। चौकाने वाली बात ये है कि यहां कोई नया कार्मिक अगर डेपुटेशन पर आए तो उसे जैसे-तैसे बाहर निकलवाने की योजना बनाते हैं। क्योंकि पूरा तंत्र ही ऐसे कार्मिकों के हाथ में हैं। जबकि कायदे से डेपुटेशन का एक रोटेशन होना चाहिए जिससे कि स्कूलों में जमा स्टाफ भी निदेशालय आकर कुछ सीखे और समझे। उन्हें भी मौका मिलना चाहिए। हैरानी की बात ये है कि मंत्री के कहने के बाद भी निदेशालय पर असर नहीं हुआ क्योंकि कुछ लोगों को संरक्षण निदेशक का तो कुछ को जयपुर सचिवालय से मिला हुआ है।
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