सीएम भजनलाल शर्मा के कार्यक्रम में उड़ा ड्रोन, तुरंत अलर्ट हुई सिक्योरिटी, पंडाल में मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री का होना था संबोधन
सीएम भजनलाल शर्मा के कार्यक्रम में उड़ा ड्रोन, तुरंत अलर्ट हुई सिक्योरिटी, पंडाल में मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री का होना था संबोधन
जयपुर। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए) की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पंडाल में ड्रोन उड़ता देख सीएम सिक्योरिटी तुरंत अलर्ट हो गई। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने तुरंत ही ड्रोन को नीचे उतरवाया। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ा दी गई।
जिस पंडाल में ड्रोन उड़ाया गया, वहां पर मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री का संबोधन होना था। जयपुर स्थित एनआईए परिसर में सोमवार को स्वर्ण जयंती समारोह का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रताप राव जाधव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
इससे पहले केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रताप राव जाधव ने गलताजी स्थित हर्बल गार्डन में धन्वंतरि उपवन का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत आरोग्य वाटिका में पौधारोपण भी किया।
नए भारत में आयुर्वेद पर बढ़ रहा भरोसा
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह नया भारत है, जहां आयुर्वेद पर लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। केंद्रीय बजट में आयुष विभाग को 10 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी मिली है, जिससे आयुष विभाग को और मजबूती मिली है।
एडवांस्ड सिमुलेशन लेबोरेट्री का उद्घाटन
इसके बाद एनआईए परिसर में एडवांस्ड सिमुलेशन लेबोरेट्री का उद्घाटन किया गया। साथ ही संस्थान में बने एनआईए पॉडकास्ट स्टूडियो की भी शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नई ओपीडी भवन का लोकार्पण किया।
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि इन आधुनिक सुविधाओं से आयुर्वेद चिकित्सा, शोध और प्रशिक्षण को नई दिशा मिलेगी और आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।
स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान वक्ताओं ने आयुर्वेद की वैश्विक पहचान, शोध कार्यों और आधुनिक तकनीक के समन्वय पर जोर दिया। कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान की उपलब्धियों को रेखांकित किया गया और भविष्य की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला गया।
समारोह में उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, विधायक बालमुकुंद आचार्य, पद्मश्री वैद्य राजेश कोटेचा सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद हैं। साथ ही बड़ी संख्या में विद्यार्थी, चिकित्सक, शोधकर्ता और आयुर्वेद प्रेमी भी मौजूद हैं।