बीकानेर में सास-बहू को डिजिटल अरेस्ट रखा, एफडी तोड़ 48 लाख रुपए ठगों को दिए
बीकानेर में सास-बहू को डिजिटल अरेस्ट रखा, एफडी तोड़ 48 लाख रुपए ठगों को दिए
बीकानेर में एक बुजुर्ग समेत दो महिलाओं को तीन दिन डिजिटल अरेस्ट रख 48 लाख रुपए की ठगी की। दोनों महिलाओं को तीन दिन तक ठगों ने टॉर्चर किया। इसके बाद 48 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए। मामला शहर के करणी नगर क्षेत्र का है। इन महिलाओं को 21, 22 और 23 जनवरी तक घर में डिजिटल अरेस्ट रखा गया। ठगों ने खुद को एनआईए का अधिकारी बताया और ठगी की। साइबर थाना प्रभारी रमेश सर्वटा ने बताया कि करणी नगर में दो महिलाओं को घर में ही डिजिटल अरेस्ट कर 48 लाख रुपए की साइबर ठगी की गई। सास-बहू को 21, 22, 23 को घर में ही डिजिटल अरेस्ट रखा गया। इस दौरान आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट के फर्जी ऑर्डर और अरेस्ट वारंट व्हाट्सएप पर भेजे। उन्हें तीन दिन तक अलग-अलग नंबरों से कॉल करके मानसिक प्रताड़ना देता रहा। वीडियो कॉल कर ऑफिस दिखाया, जिसमें दीवार पर एनआईए का लोगो लगा था। तीन-चार अन्य लोग भी खड़े नजर आए। यह देख दोनों इस कदर डर गए कि घर में दोनों बच्चों तक को कमरे में नहीं आने दिया। आरोपी के सामने गिड़गिड़ाने लगे तो उसने 40 लाख रुपए मांगे। महिलाओं ने हां कर दी।
महिलाओं ने बताया कि वो ऑनलाइन ट्रांसफर नहीं कर सकती तो उन्हें बैंक जाने की इजाजत दी लेकिन साथ ही हिदायत दी कि घर से सीधे बैंक जाना है और पैसा ट्रांसफर कर वापस आना है। किसी से कोई बात नहीं करनी है। दोनों महिलाएं केईएम रोड स्थित एसबीआई शाखा पहुंचीं, जहां अपनी दो एफडी तुड़वाईं। रकम सेविंग अकाउंट में ट्रांसफर कर आरोपी के बताए नंबरों पर 48 लाख रुपए दो अलग-अलग खातों में आरटीजीएस के जरिए भेज दिए।