हाथों पर लगने वाली मेहंदी के कोन जांच में फेल, 7 अलग-अलग तरह की दवाइयों पर भी लगाई रोक
हाथों पर लगने वाली मेहंदी के कोन जांच में फेल, 7 अलग-अलग तरह की दवाइयों पर भी लगाई रोक
जयपुर । बाजार में हाथों पर लगाए जाने वाली मेहंदी के कोन जांच में सही नहीं पाए गए हैं। फूड सेफ्टी एवं ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट ने कुछ समय पहले मेहंदी के सैंपल जांच के लिए उठाए थे। तीन अलग-अलग कंपनियों की मेहंदी के अलावा 7 अलग-अलग तरह की दवाइयों के सैंपल भी जांच में सही नहीं पाए गए है। इसे देखते हुए विभाग ने इनके स्टॉक को बाजार में बेचने से रोक लगाने और उसे उठाने के निर्देश दिए है।
ड्रग कंट्रोलर मनोज धीर और अजय फाटक की तरफ से जारी इस जांच रिपोर्ट के मुताबिक पुष्प हिना फास्ट कलर रेड, नाजिया गोल्ड और श्रीनगर मेहंदी कोन के नाम से बाजार में बिकने वाली मेहंदी जांच में फेल मिली है। इनमें बनाया गया कॉम्पोनेंट कॉसमेटिक स्टेण्डर्ड के अनुरूप नहीं मिला है।
इन दवाइयों के भी सैंपल फेल
मैसर्स इनोवा कैपटेब लि., सोनल (हिमाचल प्रदेश) की बनाई कफ सिरप ‘’मैग्नाकोफ-LS''
मैसर्स न्यूबिन लाइफ साइंसेज प्रा. लि., हरिद्वार (उत्तराखंड) की बनाई Rabmist-DSR जो गैस-एसिडिटी रोकने के लिए सुबह खाली पेट ली जाती है।
मैसर्स हैल्दी लाइफ फार्मा प्रा. लि. पालघर (महाराष्ट्र) की बनाई मल्टी विटामिन टेबलेट ।
मैसर्स मून मार्क्स फार्मास्युटिकल्स, कांगरा (हिमाचल प्रदेश) की बनाई ‘'अफीमॉक्स-डीसी'' एंटीबायोटिक दवाई।
मैसर्स प्रिमस फार्मास्युटिकल्स, सिरमोर (हिमाचल प्रदेश) की बनाई Prezio-N
मैसर्स टाइटन्स फार्मा, उना (हिमाचल प्रदेश) की बनाई Doxyclan-LB
मैसर्स बॉन-हर फार्मास्युटिकल्स, हरिद्वार (उत्तराखंड) की बनाई RABITIME-DSR