Khulasa Online
Header Ad 1
Breaking
• एसओजी ने इस मामले में बढ़ाया दायरा, 20 और संदिग्ध डॉक्टरों की बनाई लिस्ट • बीकानेर के खेजड़ी आंदोलन पर केंद्रीय मंत्री बोले - खेजड़ी सिर्फ पेड़ नहीं, राजस्थान की पहचान, कुछ लोग सुलगा रहे हैं राजनीति की चिंगारी • शिक्षा में एआई- पढ़ाई के लिए यूपीआई जैसा बनेगा प्लेटफॉर्म, पढ़े खबर ... • प्राइवेट ट्रेनी प्लेन खेत में क्रैश, दोनों पायलट ने कूद कर बचाई जान • टी-20 वल्र्ड कप में भारत का विजयी आगाज, यूएसए को इतने रनों से हराया; सूर्यकुमार के बाद सिराज चमके • एसओजी ने इस मामले में बढ़ाया दायरा, 20 और संदिग्ध डॉक्टरों की बनाई लिस्ट • बीकानेर के खेजड़ी आंदोलन पर केंद्रीय मंत्री बोले - खेजड़ी सिर्फ पेड़ नहीं, राजस्थान की पहचान, कुछ लोग सुलगा रहे हैं राजनीति की चिंगारी • शिक्षा में एआई- पढ़ाई के लिए यूपीआई जैसा बनेगा प्लेटफॉर्म, पढ़े खबर ... • प्राइवेट ट्रेनी प्लेन खेत में क्रैश, दोनों पायलट ने कूद कर बचाई जान • टी-20 वल्र्ड कप में भारत का विजयी आगाज, यूएसए को इतने रनों से हराया; सूर्यकुमार के बाद सिराज चमके
Sidebar Ad 1
Sidebar Ad 2
Sidebar Ad 3
Article Ad 1

नए इनकम टैक्स नियमों का ड्राफ्ट जारी, जाने कब से लागू होगा नया सिस्टम

1 day ago
नए इनकम टैक्स नियमों का ड्राफ्ट जारी, जाने कब से लागू होगा नया सिस्टम

नए इनकम टैक्स नियमों का ड्राफ्ट जारी, जाने कब से लागू होगा नया सिस्टम

नई दिल्ली। इनकम टैक्स विभाग ने शनिवार को 'इनकम टैक्स रूल्स, 2026' का नया ड्राफ्ट जारी कर दिया है। ये नए नियम अगले फाइनेंशियल ईयर यानी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगे। सरकार का मकसद टैक्स फाइलिंग की प्रक्रिया को सरल बनाना और आम टैक्स पेयर्स के लिए नियमों को आसान बनाना है। नए प्रस्तावित ड्राफ्ट में नियमों और फॉर्म की संख्या में भी कटौती की गई है। अभी तक लागू 'इनकम टैक्स रूल्स, 1962' में कुल 511 नियम और 399 फॉर्म थे। नए ड्राफ्ट में इन्हें घटाकर अब सिर्फ 333 नियम और 190 फॉर्म कर दिया गया है। विभाग ने उन प्रावधानों को हटा दिया है जिनकी अब जरूरत नहीं थी और कई मिलते-जुलते नियमों को आपस में जोड़ दिया है। इससे टैक्स सिस्टम की जटिलता कम होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान कहा था कि इनकम टैक्स के नियमों और फॉर्म को सरल बनाया जाएगा ताकि आम नागरिक बिना किसी परेशानी के खुद इनका पालन कर सकें। नए ड्राफ्ट में फॉर्म को दोबारा डिजाइन किया गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि फॉर्म की भाषा को अब ज्यादा 'यूजर-फ्रेंडली' बनाया गया है ताकि प्रशासनिक और कानूनी उलझनें कम हों। साथ ही, फॉर्म के साथ दी जाने वाली गाइडलाइंस को भी आसान बनाया गया है।

22 फरवरी तक लोग सुझाव दे सकते हैं

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज ने इस ड्राफ्ट को पब्लिक डोमेन में डाल दिया है। आम लोग और स्टेकहोल्डर्स अगले 15 दिनों तक यानी 22 फरवरी 2026 तक इन प्रस्तावों पर अपने सुझाव दे सकते हैं। सरकार का मानना है कि जनता की राय लेने से कानून को और ज्यादा प्रभावी और समावेशी बनाया जा सकेगा। सुझावों के आधार पर अंतिम नियमों को नोटिफाई किया जाएगा।

Footer Ad 2
Article Ad 2
Share: