Khulasa Online
Header Ad 1
Breaking
• घाटी में जैश का खात्मा! सेना ने सात आतंकी किए ढेर, इनमें से 10 लाख का इनामी पाकिस्तानी दहशतगर्द सैफुल्लाह होने का संदेह • भक्ति केवल शब्दों से नही कर्मों में प्रकट हो - निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज • एक बांग्लादेशी समेत 8 संदिग्ध गिरफ्तार, हमले की साजिश थी, आईएसआई और बांग्लादेशी आतंकी संगठनों से कनेक्शन, 12 से ज्यादा मोबाइल, 16 सिमकार्ड बरामद • भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर लगा ब्रेक, पढ़े खबर ... • अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 10 से बढ़ाकर इतने फीसदी किया टैरिफ, सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना की • घाटी में जैश का खात्मा! सेना ने सात आतंकी किए ढेर, इनमें से 10 लाख का इनामी पाकिस्तानी दहशतगर्द सैफुल्लाह होने का संदेह • भक्ति केवल शब्दों से नही कर्मों में प्रकट हो - निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज • एक बांग्लादेशी समेत 8 संदिग्ध गिरफ्तार, हमले की साजिश थी, आईएसआई और बांग्लादेशी आतंकी संगठनों से कनेक्शन, 12 से ज्यादा मोबाइल, 16 सिमकार्ड बरामद • भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर लगा ब्रेक, पढ़े खबर ... • अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 10 से बढ़ाकर इतने फीसदी किया टैरिफ, सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना की

अन्ना हजारे का अंतिम संघर्ष: लोकायुक्त कानून की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू

3 weeks ago
अन्ना हजारे का अंतिम संघर्ष: लोकायुक्त कानून की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू

अन्ना हजारे का अंतिम संघर्ष: लोकायुक्त कानून की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू

खुलासा न्यूज़। भ्रष्टाचार के खिलाफ देश की मजबूत आवाज रहे वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर शुक्रवार से उन्होंने अपने पैतृक गांव रालेगणसिद्धी में आमरण अनशन शुरू कर दिया। अन्ना ने इस आंदोलन को अपना ‘अंतिम संघर्ष’ बताते हुए साफ किया है कि लोकायुक्त कानून लागू होने तक उनका अनशन जारी रहेगा। अनशन शुरू करने से पहले मीडिया से बातचीत में अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “सरकार सिर्फ फाइलों और वादों का दिखावा कर रही है। अगर सरकार वाकई ईमानदार है और भ्रष्टाचार खत्म करना चाहती है, तो लोकायुक्त कानून से डर क्यों रही है?” अन्ना ने स्पष्ट किया कि यह कानून जनहित के लिए बेहद जरूरी है और अब वे किसी भी खोखले आश्वासन में नहीं आने वाले।

तीन साल का इंतजार, भरोसा टूटा

अन्ना हजारे ने बताया कि लोकायुक्त कानून की मांग कोई नई नहीं है और यह मुद्दा पिछले तीन वर्षों से लंबित है— 2022 में अनशन: देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्रियों के आश्वासन पर अनशन तोड़ा गया था। मंजूरी के बाद भी देरी: विधानसभा, विधान परिषद और राष्ट्रपति तक पहुंचने के बावजूद कानून लागू नहीं हुआ। समिति की अनदेखी: सरकार द्वारा गठित समिति के सुझावों को नजरअंदाज कर दिया गया।

फडणवीस सरकार पर सीधा प्रहार

अन्ना ने साफ कहा कि पिछली बार समिति बनाकर आंदोलन को शांत किया गया, लेकिन इस बार ‘कमेटी-कमेटी’ का खेल नहीं चलेगा। 80 वर्ष से अधिक उम्र होने के बावजूद उनके तेवर आज भी 2011 के आंदोलन जैसे ही नजर आ रहे हैं। यादवबाबा मंदिर परिसर में शुरू हुआ यह अनशन अब सिर्फ एक व्यक्ति का आंदोलन नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार से त्रस्त जनता की उम्मीद बन चुका है। अन्ना हजारे ने दो टूक कहा— “जब तक लोकायुक्त कानून का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं होता, मेरा अनशन जारी रहेगा। अब पीछे हटने का सवाल ही नहीं है।”

Article Ad 2

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Tags: #BIKANER NEWS
Share: