Khulasa Online
Header Ad 1
Breaking
• शादी के 2 महीने बाद प्रेमी के साथ भागी बेटी, आहत पिता ने जिंदा रहते बेटी का शोक संदेश छपवाया, किया मृत्युभोज • भारत ने छठी बार जीता अंडर-19 का विश्वकप, वैभव सूर्यवंशी ने लगाये इतने छक्के लगाए • मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान ब्लास्ट, 31 लोगों की मौत, 169 घायल • बड़ा हादसा : बरातियों से भरी बस हुई दुर्घटनाग्रस्त, 13 लोगों की मौत, 34 घायल • सिद्धू मूसेवाला स्टाइल में हत्या, थार गाड़ी में बैठे इस पार्टी के नेता को गोलियों से भूना • शादी के 2 महीने बाद प्रेमी के साथ भागी बेटी, आहत पिता ने जिंदा रहते बेटी का शोक संदेश छपवाया, किया मृत्युभोज • भारत ने छठी बार जीता अंडर-19 का विश्वकप, वैभव सूर्यवंशी ने लगाये इतने छक्के लगाए • मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान ब्लास्ट, 31 लोगों की मौत, 169 घायल • बड़ा हादसा : बरातियों से भरी बस हुई दुर्घटनाग्रस्त, 13 लोगों की मौत, 34 घायल • सिद्धू मूसेवाला स्टाइल में हत्या, थार गाड़ी में बैठे इस पार्टी के नेता को गोलियों से भूना
Sidebar Ad 1
Sidebar Ad 2
Sidebar Ad 3
Article Ad 1

शादी के 2 महीने बाद प्रेमी के साथ भागी बेटी, आहत पिता ने जिंदा रहते बेटी का शोक संदेश छपवाया, किया मृत्युभोज

10 hours ago
शादी के 2 महीने बाद प्रेमी के साथ भागी बेटी, आहत पिता ने जिंदा रहते बेटी का शोक संदेश छपवाया, किया मृत्युभोज

शादी के 2 महीने बाद प्रेमी के साथ भागी बेटी, आहत पिता ने जिंदा रहते बेटी का शोक संदेश छपवाया, किया मृत्युभोज

उदयपुर। उदयपुर में एक पिता ने अपनी जिंदा बेटी को मृत घोषित कर दिया। इतना ही नहीं, पिता समेत पूरे परिवार ने बेटी का गौरणी धूप दस्तूर (मृत्युभोज) भी किया। बेटी को वसीयत से भी बेदखल करने का निर्णय लिया है।

मामला उदयपुर शहर से सटे प्रतापनगर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। दरअसल, परिवार ने 2 महीने पहले अपने समाज के युवक से बेटी की शादी करवाई थी। बेटी अपने पति और ससुराल वालों को धोखा देकर प्रेमी के साथ भाग गई। बेटी की इस हरकत का पिता और परिवार को पता चला तो उन्होंने उसे काफी समझाया, लेकिन वह नहीं मानी।

पिता ने बताया- 2 महीने पहले ही अपनी बेटी की शादी की थी। 23 जनवरी को वह ससुराल छोड़कर अपने प्रेमी के साथ भाग गई। पुलिस की मदद से मैं 28 जनवरी को बेटी के पास पहुंचा। इसके बाद बेटी से 2 दिनों में 2 बार बात की, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थी।

बेटी ने मेरे और परिवार के साथ कोई भी संबंध रखने से इनकार कर दिया और कहा कि वह अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीना चाहती है। हमने उसे बहुत समझाया, पर वह नहीं मानी और सिर्फ उसी लड़के के साथ रहना चाहती थी।

हमने उसी दिन उसे मृत मान लिया और हिंदू धर्म के अनुसार किसी के मरने पर जो सामाजिक रीति-रिवाज निभाए जाते हैं, वे सभी निभाए। पिता ने कहा- अब मेरा उससे कोई लेना-देना नहीं है; मेरे लिए वह मर चुकी है।

Article Ad 2
Footer Ad 2
Share: