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कैसे होगा खेलों का विकास, तीन विधायकों ने नहीं दिया कुछ भी

rk
5 months ago
कैसे होगा खेलों का विकास, तीन विधायकों ने नहीं दिया कुछ भी

कैसे होगा खेलों का विकास, तीन विधायकों ने नहीं दिया कुछ भी 

बीकानेर। एक तरफ जहां खेलों के विकास की बात हो रही है। वहीं दूसरी तरफ बीकानेर में इसकी स्थिति अलग है। यहां विकास कार्यों के लिए मिली राशि में सात में से तीन विधायक ने खेलों के लिए कुछ दिया ही नहीं। सरकार बनने के बाद दो सालों में बीकानेर जिले के सातों विधायकों को विकास कार्यों के लिए 70 करोड़ रुपए की राशि मिली। लेकिन, इसमें से केवल 40.16 करोड़ रुपए की राशि के ही काम स्वीकृत हो पाए हैं। प्रदेश सरकार में मंत्री और लूणकरणसर विधायक सुमित गोदारा के कोटे से सबसे ज्यादा 9.15 करोड़ रुपए और श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत के कोटे में सबसे कम दो करोड़ रुपए की राशि के काम स्वीकृत हुए हैं। प्रदेश में विधायकों को अपने क्षेत्रों में विकास कार्य के लिए हर साल पांच करोड़ रुपए मिलते हैं। इनमें श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत, बीकानेर पूर्व विधायक सिद्धि कुमारी और  नोखा विधायक सुशीला डूडी के कोटे से राशि तो खर्च हुई लेकिन खेलों के लिए कुछ भी नहीं। जबकि बीकानेर पूर्व में में बड़े-बड़े मैदान भी है। ऐसे में जब विधायक कोटे से खेलों के लिए कुछ नहीं मिला तो खेलों का विकास कैसे होगा। 

क्या कहता है खर्च का रिपोर्ट कार्ड 
मंत्री और लूणकरणसर विधायक सुमित गोदारा के कोटे से सबसे ज्यादा 9.15 करोड़ रुपए के कामों को स्वीकृति मिली है। जबकि, श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत के कोटे से सबसे कम 2 करोड़ रुपए के काम स्वीकृत हुए। बीकानेर पूर्व विधायक सिद्धि कुमारी के कोटे से 7 करोड़ 90 लाख 44 हजार, बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास के कोटे से 7 करोड़ 23 लाख 35 हजार, कांग्रेस की नोखा विधायक सुशीला डूडी के कोटे से 5 करोड़, 83 लाख 95 हजार, कोलायत विधायक अंशुमानसिंह के कोटे से 5 करोड़ 7 लाख 73 हजार और खाजूवाला विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल के कोटे से 4 करोड़ 3 लाख 89 हजार रुपए के काम स्वीकृत हुए हैं। विधायकों ने ज्यादातर राशि शिक्षा, पानी, बिजली, खेल सहित अन्य मदों पर खर्च की है। खास बात यह है कि विधायकों के कोटे से सबसे ज्यादा 5 करोड़ 60 लाख 45 हजार रुपए सड़कों के लिए दिए गए और सबसे दयनीय स्थिति सड़कों की ही है। विधायकों ने बिजली पर केवल एक करोड़ 23 लाख 22 हजार रुपए ही दिए। जिले में विधायक कोटे से वर्ष, 24 में स्वीकृत 17 करोड़ 3 लाख 92 हजार रुपए के काम पूरे हो चुके हैं। वर्ष, 25 में 23 करोड़ 12 लाख 75 हजार रुपए के काम स्वीकृत हुए। इनमें से कुछ काम पूरे हुए और बाकी रहे काम चल रहे हैं। विधायकों के कार्यों के प्रस्ताव जिला परिषद के माध्यम से सरकार को भेजे जाते हैं जो एक माह में स्वीकृत या रिजेक्ट किए जाते हैं। स्वीकृत काम के लिए संबंधित एजेंसी को 45 दिन में प्रक्रिया पूरी करनी होती है। उसके बाद ठेकेदार के कार्य को पूरा करने का समय तय होता है। विधायक निधि भी जिला परिषद को मिलती है जहां से कार्य कराने वाले संबंधित एजेंसी को भेजी जाती है।

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Tags: #BIKANER NEWS #KHULASAONLINE
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