बीकानेर: मृत को जिंदा बताकर जमीन हड़पनेवाले भाई दोषी करार, इतने साल का कारावास
बीकानेर: मृत को जिंदा बताकर जमीन हड़पनेवाले भाई दोषी करार, इतने साल का कारावास
बीकानेर। छतरगढ़ में दो सगे भाइयों ने मिलकर एक मृतव्यक्ति को जिंदा बताया और धोखाधड़ी से फर्जीकागजात तैयार कर 25 बीघा जमीन हड़प ली।छत्तरगढ़ के 12 साल पुराने इस मामले में अपरमुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या 2 की पीठासीनअधिकारी माधवी मोदी ने आरोपी सगे भाइयों कोदोषी मानकर 7 साल के कारावास और प्रत्येकको 2 लाख रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है।एक अन्य आरोपी की मृत्यु हो जाने पर उसकेविरुद्ध कार्यवाही बंद कर दी गई।परिवादी ओमप्रकाश ने एक सितंबर, 14 को पुलिस थाने में रिपोर्ट थी कि उसकेपिता माहीराम ने कूड़ाराम से 25 बीघा गैरखातेदारी कृषि भूमि जरिए इकरारनामा खरीदीथी।
मूल काश्तकार कूड़ाराम ने इस जमीन कोखातेदारी कराने के लिए रूपाराम को मुख्तयारनियुक्त कर रखा था। बाद में उसकी मृत्यु होगई जिससे मुख्तयारनामा स्वत: समाप्त होगया। इसके बावजूद आरोपी रूपाराम नेकूड़ाराम को जिंदा बताकर जमीन अपने पुत्रओमप्रकाश के नाम रजिस्ट्री करा दी। कोर्ट नेइस मामले की सुनवाई के बाद छतरगढ़ निवासी सगे भाई ओमप्रकाश व पूर्णाराम कोदोषी माना और प्रत्येक को 7 साल केकारावास व 2 लाख रुपए अर्थदंड की सजासुनाई। अर्थदंड की राशि जमा नहीं कराने परआरोपियों को चार माह का अतिरिक्त कारावासभुगतना होगा। इस मामले में आरोपी रूपारामकी मृत्यु हो जाने पर उसके खिलाफ कार्यवाहीबंद कर दी गई। कोर्ट में अभियोजन पक्ष कीओर से पांच गवाहों के बयान हुए।