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अविमुक्तेश्वरानंद विवाद: शिविर के बाहर बुलडोजर बाबा के नारे, शंकराचार्य बोले- मेरी जान को खतरा...

rk
5 months ago
शिविर के बाहर बुलडोजर बाबा के नारे, शंकराचार्य बोले- मेरी जान को खतरा...

अविमुक्तेश्वरानंद विवाद

अविमुक्तेश्वरानंद विवाद, शिविर के बाहर बुलडोजर बाबा के नारे, शंकराचार्य बोले- मेरी जान को खतरा... 

प्रयागराज। माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच पिछले 7 दिनों से चला आ रहा विवाद अब और गंभीर होता नजर आ रहा है। शनिवार रात एक नया घटनाक्रम सामने आया, जब ‘कट्टर सनातनी सेना’ नामक संगठन के 8 से 10 युवक भगवा झंडे लेकर नारेबाजी करते हुए शंकराचार्य के शिविर के पास पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक “आई लव बुलडोजर” और “सीएम योगी जिंदाबाद” के नारे लगाते हुए शंकराचार्य के शिविर में घुसने की कोशिश करने लगे। इस दौरान शंकराचार्य के शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। करीब 15 मिनट तक हंगामे की स्थिति बनी रही। बताया जा रहा है कि संगठन का प्रमुख सचिन सिंह नामक व्यक्ति है। घटना के बाद शंकराचार्य के शिष्यों ने एहतियातन शिविर को चारों ओर से ढंक दिया और अंदर जाने वाले रास्तों को ब्लॉक कर दिया। हालात को देखते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आज की गो-प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा रद्द कर दी।

थाने में शिकायत, सुरक्षा की मांग

शिविर प्रभारी ने इस मामले को लेकर थाने में लिखित शिकायत दी है। शिकायत में कहा गया है कि कुछ असामाजिक तत्व लाठी-डंडे और झंडे लेकर जबरन शिविर में घुसने और मारपीट करने पर उतारू थे। सेवकों ने उन्हें समझाकर बाहर निकाला, लेकिन स्थिति काफी गंभीर थी और बड़ी घटना हो सकती थी। शिकायत में यह भी कहा गया है कि शंकराचार्य अक्सर शिविर के बाहर बैठते हैं। यदि ऐसे लोग दोबारा हमला करते, तो उनकी जान को खतरा हो सकता था। इसलिए शंकराचार्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

18 जनवरी से चला आ रहा विवाद

गौरतलब है कि 18 जनवरी को माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पालकी में स्नान के लिए जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोककर पैदल जाने को कहा, जिस पर विरोध हुआ और शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की की घटना सामने आई। इससे नाराज होकर शंकराचार्य शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए थे। इसके बाद प्रशासन ने 48 घंटे के भीतर दो नोटिस जारी किए। एक नोटिस में उनके द्वारा शंकराचार्य की पदवी लिखने पर सवाल उठाया गया, जबकि दूसरे नोटिस में मौनी अमावस्या के दिन हुए बवाल को लेकर जवाब मांगा गया। प्रशासन ने यह तक चेतावनी दी थी कि क्यों न उन्हें हमेशा के लिए माघ मेले से बैन कर दिया जाए। हालांकि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने दोनों नोटिसों का लिखित जवाब भेज दिया था। फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन और शंकराचार्य पक्ष के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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Tags: #Controversy
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