राजस्थान में जल्द खुल सकते हैं धार्मिक स्थल: CM ने दिए संकेत - Khulasa Online

राजस्थान में जल्द खुल सकते हैं धार्मिक स्थल: CM ने दिए संकेत

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा- दो से 17 साल के बच्चों के वैक्सीनेशन का ट्रायल चल रहा है, दो महीने में यह पूरा हो जाएगा। अभी केवल धर्म इंसानियत है, लेकिन धार्मिक स्थल खोलने पर हम एक दो-दिन में विचार करेंगे। कोरोना अब तो पानी में पहुंच गया है। नया वैरिएंट डेल्टा आया है, जो बहुत खतरनाक है। इसने कई रोग पैदा कर दिए, ब्लैक फंगस भी इस वजह से आया है। राजस्थान में कोरोना के वैरिएंट स्टेट इंस्टीटयूट ऑफ वायरोलॉजी की घोषणा बजट में की थी, यह पुणे के बाद राजस्थान में टॉप की संस्था बनेगी।

सीएम गहलोत ने कहा- वैक्सीनेशन के लिए काटा गया विधायक फंड का पैसा हम वापस लौटाएंगे, लेकिन उसकी गाइडलाइन बनाकर उसे इस साल केवल स्वास्थ्य सेवाओं पर ही खर्च ​करना होगा। सभी विधायक एमएलए फंड का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में करें। अगली बार अपने तरीके से खर्च करें।

गहलोत ने कहा कि हम लोग साधु संत तो हैं नहीं, नेता हैं। कभी कोई बोल जाए तो दिल पर नहीं लेते। हम भारत सरकार को चिट्ठी लिखते हैं तो वह फीडबैक है, आलोचना नहीं। वैक्सीन की कमी है तो केंद्र को सूचना दे दी तो उसे ही आलोचना मान लेते हैं। 18 साल से ज्यादा उम्र वालों के फ्री वैक्सीनेशन के लिए हमें सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा। प्रधानमंत्री से मैंने VC में कहा कि राज्यों को खरीदकर वैक्सीन लगवाने की व्यवस्था गलत है। ऐसे वक्त में कमियां बतानी पड़ती हैं। उस वक्त कई राज्यों ने अच्छी भूमिका निभाई।

वैक्सीन से मना करने का अधिकार किसी को नहीं सीएम ने कहा- वैक्सीन से मना करने का अधिकार किसी को नहीं है। किसी को दूसरे की जान जोखिम में डालने का अधिकार नहीं है। जिन इलाकों में वैक्सीन लगाने से लोग मना कर रहे हैं उनमें जागरूकता लाई जाएगी। ऐसे इलाकों में में 80 फीसदी से ज्यादा जिन गांवों में वैक्सीनेशन होगा वहां उन पंचायतों को 50 लाख या इसके आसपास विकास के लिए अलग से देंगें।

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