वर्षों पुरानी बंद तिजोरी जैसे ही खोली गई, लोग खिल-खिलाकर लगे हंसने, जानें क्यों?
वर्षों पुरानी बंद तिजोरी जैसे ही खोली गई, लोग खिल-खिलाकर लगे हंसने, जानें क्यों?
जोधपुर नगर निगम के पुराने कार्यालय में वर्षों से बंद पड़ी एक तिजोरी उस समय मजाक और चर्चा का कारण बन गई, जब उसे खुलवाने पर अंदर से महज एक रुपया ही निकला। हैरानी की बात यह रही कि तिजोरी खुलवाने की प्रक्रिया में निगम को करीब ढाई हजार रुपए खर्च करने पड़े। नगर निगम के पुराने कार्यालय की साफ-सफाई और रिकॉर्ड सत्यापन के दौरान अधिकारियों की नजर इस तिजोरी पर पड़ी। बताया गया कि यह तिजोरी वर्ष 2005 में लाई गई थी, लेकिन तब से अब तक कभी खोली नहीं गई।
चाबी उपलब्ध नहीं होने के कारण इसे तकनीकी रूप से खुलवाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए कारीगर बुलाया गया, आवश्यक उपकरण मंगवाए गए और सुरक्षा व्यवस्था की गई, जिस पर कुल मिलाकर लगभग ढाई हजार रुपए का खर्च आया। काफी मशक्कत के बाद जब तिजोरी खुली तो इसमें न तो कोई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिला और न ही कोई नकद राशि-सिर्फ 1982 का एक रुपए का सिक्का निकला। इस दृश्य ने मौजूद लोगों को हैरान करने के साथ हंसी का भी मौका दे दिया।