मादक पदार्थ के मामले में कोर्ट ने सप्लायर व ड्राइवर की जमानत खारिज की
मादक पदार्थ के मामले में कोर्ट ने सप्लायर व ड्राइवर की जमानत खारिज की
बीकानेर। जामसर थाना क्षेत्र में 40.208 किलो डोडा पोस्त डंठल बरामदगी के मामले में कोर्ट ने आरोपियों की जमानत याचिका खारिज की है। याचिका की सुनवाई न्यायाधीश धनपत माली ने की। जिसमें आरोपी सांग सिंह उर्फ सावंत की पहली जमानत याचिका और कार चालक रविन्द्र सिंह उर्फ रवि की दूसरी जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
मामले के अनुसार 29 नवंबर 2025 की रात पुलिस गश्त के दौरान नुरसर फांटा चौराहे पर नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान बीकानेर की तरफ से तेज रफ्तार में आई हुंडई ईयोन कार ने पुलिस बेरियर को टक्कर मार दी और भागने की कोशिश की।पुलिस ने कार को रोककर तलाशी ली तो डिग्गी में दो प्लास्टिक बैग/थैले मिले। जांच में इनमें डोडा पोस्त डंठल पाया गया। दोनों थैलों का वजन करने पर कुल 40.208 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ बरामद हुआ।
पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। अनुसंधान के बाद रविन्द्र सिंह उर्फ रवि (ड्राइवर) सांग सिंह उर्फ सावंत पर डोडा पोस्त की सप्लाई/विक्रय का आरोप लगाते हुए एनडीपीएस एक्ट में चार्जशीट पेश की गई।
दोनों आरोपियों की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि वे निर्दोष हैं और उन्हें झूठा फंसाया गया है।साथ ही कहा गया कि बरामदगी गलत दर्शाई गई है। एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों की पालना नहीं हुई जब्त मात्रा वाणिज्यिक मात्रा से कम है। वहीं विशिष्ट लोक अभियोजक ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि सांग सिंह सप्लायर/विक्रेता है, इसलिए मामला गंभीर है। रवि कार चालक है और उसके कब्जे से ही मादक पदार्थ परिवहन करते पकड़ा गया और दोनों के खिलाफ पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी मौजूद है।
कोर्ट ने खारिज की जमानत
कोर्ट ने कहा कि इलाके में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, सप्लाई और क्रय-विक्रय के मामले बढ़ रहे हैं, जिससे समाज पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे मामलों में आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जमानत देना उचित नहीं है। कोर्ट ने सांग सिंह उर्फ सावंत की पहली जमानत याचिका और रविन्द्र सिंह उर्फ रवि की दूसरी जमानत याचिका दोनों को खारिज कर दिया।राज्य की ओर से पैरवी पीपी हरीश कुमार भट्टड़ ने की।