Khulasa Online
Header Ad 1
Breaking
• सेना की बढ़ेगी ताकत : इन विमानों के खरीद को मिली मंजूरी, इतने लाख करोड़ रुपये का है रक्षा सौदा • सरकार ने कसा शिकंजा : अब सोशल मीडिया पर ये गलती पढ़ेगी भारी, लगेगा भारी भरकम जुर्माना • राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर केंद्र सरकार ने नए दिशानिर्देश किए जारी, स्कूलों में राष्ट्रगीत के बाद शुरू होगी पढ़ाई • पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की अप्रकाशित किताब के सर्कुलेशन पर एफआईआर दर्ज, राहुल गांधी इसकी कॉपी लेकर संसद पहुंचे थे, दावा किया- चीन ने लद्दाख में घुसपैठ की थी • क्या है लोकसभा स्पीकर को हटाने की प्रक्रिया : विपक्ष ला सकता है अविश्वास प्रस्ताव • सेना की बढ़ेगी ताकत : इन विमानों के खरीद को मिली मंजूरी, इतने लाख करोड़ रुपये का है रक्षा सौदा • सरकार ने कसा शिकंजा : अब सोशल मीडिया पर ये गलती पढ़ेगी भारी, लगेगा भारी भरकम जुर्माना • राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर केंद्र सरकार ने नए दिशानिर्देश किए जारी, स्कूलों में राष्ट्रगीत के बाद शुरू होगी पढ़ाई • पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की अप्रकाशित किताब के सर्कुलेशन पर एफआईआर दर्ज, राहुल गांधी इसकी कॉपी लेकर संसद पहुंचे थे, दावा किया- चीन ने लद्दाख में घुसपैठ की थी • क्या है लोकसभा स्पीकर को हटाने की प्रक्रिया : विपक्ष ला सकता है अविश्वास प्रस्ताव
Sidebar Ad 1
Sidebar Ad 2
Sidebar Ad 3
Article Ad 1

हर स्कूल में लड़कियों को सैनेटरी पैड मिले नियम का उल्लंघन करने पर स्कूल की मान्यता रद्द होगी

1 week ago
हर स्कूल में लड़कियों को सैनेटरी पैड मिले नियम का उल्लंघन करने पर स्कूल की मान्यता रद्द होगी


हर स्कूल में लड़कियों को सैनेटरी पैड मिले नियम का उल्लंघन करने पर स्कूल की मान्यता रद्द होगी
नई दिल्ली।  सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को देश के सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों को निर्देश दिया कि हर स्कूल में लड़कियों को फ्री में सैनेटरी पैड बांटना अनिवार्य होगा। लडक़े और लड़कियों के लिए अलग-अलग वॉशरूम बनाने होंगे। जो स्कूल ऐसा नहीं कर पाएंगे उनकी मान्यता रद्द की जाएगी।
इसके साथ ही कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि हर स्कूल में दिव्यांग-अनुकूल (डिसेबल-फ्रेंडली) टॉयलेट बनाए जाएं।
जस्टिस जेबी परदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने क्लास 6 से 12 तक की छात्राओं के लिए सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में केंद्र सरकार की मेंस्ट्रुअल हाइजिन पॉलिसी (मासिक धर्म स्वच्छता नीति) को पूरे भारत में लागू करने पर यह आदेश सुनाया।
अगर स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग टॉयलेट नहीं हैं तो यह संविधान के अनुच्छेद 14 (बराबरी का अधिकार) का उल्लंघन है। अगर लड़कियों को सैनिटरी पैड नहीं मिलते। तो वे लडक़ों की तरह बराबरी से पढ़ाई और गतिविधियों में हिस्सा नहीं ले पातीं।
मासिक धर्म के दौरान सम्मानजनक सुविधा मिलना संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और गरिमा का अधिकार) का हिस्सा है। अगर लड़कियों को उचित सुविधा नहीं मिलती तो उनकी गरिमा और निजता प्रभावित होती है।

Article Ad 2
Share: