Khulasa Online
Breaking
• गैस सिलेंडर बुकिंग नियमों पर सरकार की सफाई, कोई नया बदलाव नहीं, पढ़े खबर • इच्छामृत्यु के बाद हरीश राणा का अंतिम संस्कार, अंगदान से 6 लोगों को मिला नया जीवन • पीएम मोदी बोले - ईरान जंग जारी रही तो गंभीर होंगे नतीजे, आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा लेगा, टीम इंडिया की तरह करना होगा काम • रेलवे ने टिकट कैंसिल करने के नियम किए सख्त, ये नियम किया खत्म, पढ़े पूरी खबर ... • हरीश राणा का निधन, 13 साल से थे कोमा में; इच्छामृत्यु के लिए सुप्रीम कोर्ट से मिली थी इजाजत • गैस सिलेंडर बुकिंग नियमों पर सरकार की सफाई, कोई नया बदलाव नहीं, पढ़े खबर • इच्छामृत्यु के बाद हरीश राणा का अंतिम संस्कार, अंगदान से 6 लोगों को मिला नया जीवन • पीएम मोदी बोले - ईरान जंग जारी रही तो गंभीर होंगे नतीजे, आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा लेगा, टीम इंडिया की तरह करना होगा काम • रेलवे ने टिकट कैंसिल करने के नियम किए सख्त, ये नियम किया खत्म, पढ़े पूरी खबर ... • हरीश राणा का निधन, 13 साल से थे कोमा में; इच्छामृत्यु के लिए सुप्रीम कोर्ट से मिली थी इजाजत
Arham School
sukhajan
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group

पुत्रवधू व उसके पिता पर जेवर चोरी का आरोप, कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज

1 month ago
पुत्रवधू व उसके पिता पर जेवर चोरी का आरोप, कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज

पुत्रवधू व उसके पिता पर जेवर चोरी का आरोप, कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज

खुलासा न्यूज़। बीकानेर के कोटगेट थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपनी पुत्रवधू और उसके पिता पर जेवर चोरी का आरोप लगाया है। परिवादिया दीप्ति अग्रवाल ने बताया कि उनके पुत्र विभोर अग्रवाल का विवाह 8 फरवरी 2025 को महिमा गुप्ता से हुआ था। अप्रैल 2025 में वे अपने पति के साथ बैंक ऑडिट के सिलसिले में केरल गई थीं। इस दौरान घर की देखरेख के लिए उन्होंने अलमारी की चाबियां बहू को सौंप दी थीं। परिवादिया के अनुसार अक्टूबर 2025 में दीपावली से पहले जब लॉकर खोला गया, तो उसमें से डायमंड चूड़ियां, डायमंड रिंग, सोने के आभूषण, चांदी के सिक्के सहित अन्य कीमती जेवर गायब मिले। आरोप है कि पुत्रवधू महिमा गुप्ता ने अपने पिता सुनील कुमार के साथ मिलकर चाबियों का दुरुपयोग करते हुए आभूषण चोरी किए।

दीप्ति अग्रवाल ने बताया कि पारिवारिक रिश्तों को देखते हुए उन्होंने शुरुआत में पुलिस में मामला दर्ज कराने से परहेज किया और इसे परिवार स्तर पर सुलझाने का प्रयास किया। उन्होंने कोटगेट थाने और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत भी दी, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच हेड कांस्टेबल गिरधारीदान को सौंपी है। पुलिस मामले से जुड़े सभी तथ्यों और साक्ष्यों की जांच में जुटी हुई है।

BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: