आयुष्मान हार्ट केयर सेंटर को मिली NABH मान्यताः यानि अस्पताल की गुणवत्ता और मरीजों की गारंटी
आयुष्मान हार्ट केयर सेंटर को मिली NABH मान्यताः यानि अस्पताल की गुणवत्ता और मरीजों की गारंटी
खुलासा न्यूज़। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में NABH (नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स) एक अहम मानक माना जाता है। NABH-मान्यता प्राप्त अस्पताल वे होते हैं, जो रोगी देखभाल, चिकित्सा प्रक्रियाओं और सुरक्षा के उच्चतम गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते हैं। यह मान्यता बीकानेर के आयुष्मान हार्ट केयर सेंटर को मिली है, जिसके ऑनर डॉ. दुर्गा स्वामी है। NABH, भारतीय गुणवत्ता परिषद (Quality Council of India - QCI) के अंतर्गत कार्यरत एक प्रमुख बोर्ड है, जिसका उद्देश्य देशभर में स्वास्थ्य सेवा संगठनों के लिए गुणवत्ता और सुरक्षा के स्पष्ट मानक तय करना और उनके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है।
क्या दर्शाती है NABH मान्यता ?
NABH की मान्यता इस बात का प्रमाण होती है कि संबंधित अस्पताल ने रोगी-केंद्रित देखभाल, सुरक्षित उपचार प्रणाली, प्रशिक्षित स्टाफ, स्वच्छता, आपातकालीन सेवाओं और नैतिक चिकित्सीय प्रक्रियाओं के कड़े बेंचमार्क पूरे किए हैं।
मरीजों के लिए क्यों है महत्वपूर्ण ?
उच्च गुणवत्ता की गारंटीः इलाज और देखभाल अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विश्वसनीयता में वृद्धिः मरीज और परिजनों का अस्पताल पर भरोसा मजबूत
रोगी सुरक्षा सर्वोपरिः उपचार के दौरान जोखिम कम करने की सुदृढ़ व्यवस्था
निरंतर सुधार की प्रक्रियाः अस्पताल में जवाबदेही और गुणवत्ता सुधार की संस्कृति स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, NABH-मान्यता प्राप्त अस्पतालों में उपचार न केवल सुरक्षित होता है, बल्कि मरीजों को पारदर्शी, संगठित और भरोसेमंद सेवाएं भी मिलती हैं। जब कोई मरीज NABH-मान्यता प्राप्त अस्पताल का चयन करता है, तो वह एक ऐसी स्वास्थ्य संस्था पर भरोसा करता है, जिसे गुणवत्ता, सुरक्षा और मरीजों के हितों की कसौटी पर परखा और प्रमाणित किया गया है।