क्या आप भी हैं किसी दोस्त के लोन गारंटर?: किस्त नहीं भरी तो आपको चुकाना पड़ सकता है पूरा लोन, ये 6 सावधानियां हैं जरूरी
क्या आप भी हैं किसी दोस्त के लोन गारंटर?
क्या आप भी हैं किसी दोस्त के लोन गारंटर? किस्त नहीं भरी तो आपको चुकाना पड़ सकता है पूरा लोन, ये 6 सावधानियां हैं जरूरी
खुलासा न्यूज़। अगर आपके किसी दोस्त या रिश्तेदार को लोन की जरूरत हो और वह आपसे गारंटर बनने को कहे, तो अक्सर लोग इसे सिर्फ कागजी कार्रवाई समझकर “हां” कर देते हैं। लेकिन ध्यान रखिए—लोन गारंटर बनना सिर्फ एक फॉर्मेलिटी नहीं, बल्कि यह एक कानूनी और वित्तीय जिम्मेदारी है।
अगर उधारकर्ता समय पर EMI नहीं चुकाता, तो उसका असर सीधे आपके क्रेडिट स्कोर, आपकी वित्तीय साख और भविष्य में लोन लेने की क्षमता पर पड़ सकता है। बैंक या फाइनेंशियल कंपनी आपसे वसूली भी कर सकती है।
लोन गारंटर कौन होता है?
लोन गारंटर वह व्यक्ति होता है, जो बैंक को यह गारंटी देता है कि अगर उधार लेने वाला (Borrower) किसी कारणवश लोन नहीं चुका पाता, तो गारंटर उस पूरी राशि का भुगतान करेगा।
यानी गारंटर बनते ही आपकी जिम्मेदारी केवल नाम या हस्ताक्षर तक सीमित नहीं रहती—यह कानूनी रूप से बाध्यकारी दायित्व बन जाता है। अगर उधारकर्ता किस्त नहीं चुकाए तो क्या होगा? बैंक आपका क्रेडिट स्कोर खराब मान सकता है। गारंटर को नोटिस भेजा जा सकता है। बैंक खाते से राशि काटी जा सकती है। जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है
गारंटर बनने से पहले ये 6 सावधानियां जरूर रखें
उधारकर्ता की विश्वसनीयता जांचें- उसकी आय, नौकरी/व्यवसाय और पिछला क्रेडिट रिकॉर्ड समझें। पूरा भरोसा हो तभी गारंटर बने। भावनाओं में आकर फैसला न लें। उतनी ही रकम के लिए गारंटर बनें जिसे आप जरूरत पड़ने पर खुद चुका सकें। ब्याज दर, अवधि, पेनल्टी और गारंटर की जिम्मेदारियां समझें। समस्या दिखे तो तुरंत कार्रवाई करें। उधारकर्ता से बात करें, बैंक को स्थिति बताएं। बैंक से लोन री-स्ट्रक्चरिंग या वन-टाइम सेटलमेंट का विकल्प पूछ सकते हैं।
अगर किस्त नहीं भर पा रहा उधारकर्ता तो क्या करें?
सबसे पहले उधारकर्ता से बातचीत कर भुगतान शुरू करवाएं। तुरंत बैंक से संपर्क कर स्थिति स्पष्ट करें। जरूरत हो तो री-स्ट्रक्चरिंग (किस्त/अवधि में बदलाव) या वन-टाइम सेटलमेंट पर चर्चा करें
क्या गारंटर बनने के बाद नाम हटाया जा सकता है?
अगर आपने गारंटर के रूप में दस्तखत कर दिए हैं, तो नाम हटाना आसान नहीं होता। उधारकर्ता को नया गारंटर लाना होगा या लोन ट्रांसफर कराना पड़ेगा। इसके लिए बैंक की मंजूरी जरूरी है। कई मामलों में पूरा लोन चुकने के बाद ही गारंटर का नाम हटता है
गारंटर बनना भरोसे का फैसला है, लेकिन इससे पहले जोखिम समझना बेहद जरूरी है। जल्दबाजी या भावनाओं में लिया गया फैसला आपकी आर्थिक स्थिति बिगाड़ सकता है। जरूरत पड़े तो कानूनी या वित्तीय सलाह जरूर लें।