मंहगाई की मार अब नीबू पहुंचा 400 रुपए किलों, खरीदने में छूट रहे है पसीने - Khulasa Online

मंहगाई की मार अब नीबू पहुंचा 400 रुपए किलों, खरीदने में छूट रहे है पसीने

जयपुर। नींबू अगर किसी कंपनी का शेयर होता तो इसे खरीदने वाला का अकाउंट दिन दोगुनी, रात चौगुनी तरक्की करता... लगता है सरकार ने पेट्रोल-डीजल का नाम बदलकर नींबू रख दिया है... नींबू की बढ़ती कीमतों को लेकर सोशल मीडिया पर लोग इसी तरह गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। वजह भी शायद जायज है...। एक महीने पहले तक 70 रुपए किलो बिकने वाला नींबू 400 रुपए तक पहुंच गया है। यानी पेट्रोल-डीजल से भी 3 गुना महंगा। हाल ये है कि लोग किलो के हिसाब से खरीदने के बजाय पीस के हिसाब से नींबू खरीद रहे हैं। ने राजस्थान में नींबू के रेट को लेकर पड़ताल की। जोधपुर और जयपुर में भाव सबसे ज्यादा 350 से 400 रुपए किलो हैं। चितौडग़ढ़ में 240 तो कोटा में 250 रुपए प्रति किलो बिक रहा हैं। जयपुर की ही बात करें तो एक महीने पहले तक नींबू 70 रुपए किलो था। एक महीने में 330 रुपए तक कीमत बढ़ गई। खुदरा ही नहीं, थोक भावों में भी जबरदस्त उछाल आया है। जयपुर में मार्च में थोक भाव 60 रुपए किलो थे, जो अप्रैल में 250 से 300 रुपए किलो पहुंच गए। इसी तरह जोधपुर में थोक भाव 60 से 320 रुपए पहुंच गए। नींबू की कीमतों ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए है। 4 कारण, जिन्होंने बढ़ाई नींबू की कीमत बेमौसम बारिश से खराब हुई फसल : मद्रास, महाराष्ट्र और गुजरात समेत देशभर के कई इलाकों में बेमौसम बारिश से नींबू की फसल को काफी नुकसान हुआ है। जरूरत के मुकाबले उत्पादन कम हुआ है, इसलिए कीमतें रिकॉर्ड तोड़ बढ़ी हैं। नवरात्र और रमजान में खपत ज्यादा : इस समय नवरात्र चल रहे हैं और रमजान का महीना है। व्रत और रोजे के दौरान भी नींबू का इस्तेमाल ज्यादा होता है। इस समय उत्पादन कम है और डिमांड ज्यादा है। फ्यूल की कीमतों में वृद्धि : पेट्रोल और डीजल की कीमत बढऩे के साथ ही माल भाड़ा भी बढ़ गया है। इसका असर नींबू सहित सभी फल-सब्जियों की कीमतों में देखने का मिल रहा है। सीधे फैक्ट्रियों में डिलीवरी : सॉफ्ट ड्रिंक के साथ ही कई दवाइयों और फूड प्रोडक्ट में नींबू इस्तेमाल किया जाता है। खेतों से नींबू सीधा फैक्ट्रियों में पहुंच रहा है। इस वजह से भी आम जरूरत के मुताबिक नींबू बाजार तक नहीं पहुंच रहा है।

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