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@ कुशालसिंह मेड़तिया

खुलासा न्यूज, बीकानेर। बीकानेर में कोरोना को लेकर जबरदस्त खौफ फैला हुआ है। इस मौजूदा हालात में पीबीएम सहित निजी अस्पतालों में मरीजों का तांता लगा हुआ है। अस्पताल फूल हो चुके है। ऑक्सीजन को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। घरों में आइसोलेट मरीजों के पास ऑक्सीजन नहीं पहुंचने से मर रहे है। कोरोना का टेस्ट कराने वालों की लाइनें लगी है। शहर और ग्रामीण अंचल में पॉजीटिव मरीज खुल्लेआम घूम रहे है, संक्रमण बढ़ता जा रहा है और पॉजीटिव मरीजों के पास न दवाई किट पहुंच रही है और ना ही डॉक्टर्स या नर्सिंगकर्मी। इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। ऐसे में जिले में स्थितियां अनकंंट्रोल है। हालात भयानक होने के बावजूद भी सीएमएचओ डॉ. सुकुमार कश्यप कुंभकर्णी नींद से जागे नहीं है। जब से उन्होंने पदभार ग्रहण किया तब से अब तक ऑफिस में ही बैठकर काम-काज करते है। एक ही दिन फिल्ड में नहीं उतरे। इसका नतीजा यह है कि बीकाने में हर दिन हजारों की तादाद में नए पॉजीटिव केस मिल रहे है और मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। जिलेवासियों का कहना है कि समय रहते हुए सीएमएचओ डॉ. कश्यप को नहीं हटाया गया तो शहर और ग्रामीण अंचल में कोरोना तबाही मचा सकता है। इलाज की कमी से मौत का आंकड़ा भी बढ़ जाएगा।

अब स्थितियां विकट

जिले के हालात दिनों-दिन बिगड़ते जा रहे है।   ऑक्सीजन के लिए हाय तोबा मची हुई है। शहर से लेकर गांव-ढ़ाणी तक कोरोना फैल चुका है। अब स्थितियां विकट है। लोगों को न बैड मिल रहे है, न ऑक्सीजन। इसकी एक बानगी यह है कि निजी अस्पतालों ने तो मरीजों को भर्ती करना ही बंद कर दिया है वहीं सरकारी अस्पालों में ओपीडी व सामान्य बीमारियों के मरीजों को भर्ती नहीं कर रहे है, रूटीन ऑपरेशनों पर रोक लगा दी है। हालात यह है कि हर रोज अपने रिकॉर्ड तोडऩे का सिलसिला शुरू कर दिया है। शहरी क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना ने जबरदस्त प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है।

मॉनिटरिंग ना के बराबर

स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा रही मॉनिटरिंग ना के बराबर है। स्थितियों को देखते यह लग रहा है कि बीकानेर के सीएमएचओ डॉ. सुकु़मार कश्यप की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे है। कोरोना कंट्रोल करने में डॉ. कश्यप फैल साबित होते नजर आ रहे है। इस संकट की घड़ी में जनप्रतिनिधि जो बीकानेर की और ध्यान न देकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने में लगे हुए है।

ब्लॉक सीएमएचओ भी घरों में बैठकर व्यवस्था संभाल रहे है

 दूसरी लहर में अव्यवस्था के चलते हालात दिनों-दिन डरावने होते जा रहे है। इन हालातों को देखकर यह लगता है कि बीकानेर के सीएमएचओ डॉ. सुकुमार कश्यप से तमाम व्यवस्था नहीं संभाली जा रही है। डॉ. कश्यप द्वारा लगातार मॉनिटरिंग नहीं करने का नतीजा यह है कि ब्लॉक सीएमएचओ भी घरों में बैठकर व्यवस्था संभाल रहे है। फिल्ड में नहीं उतरने से कोरोना के केसों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

घरों में क्वारेंटाइन में समय बीता रहे कोरोना पॉजीटिव मरीजों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यहां तक कि इन तक दवा भी नहीं पहुंच रही है और ना ही चेकअप के लिए कोई डॉक्टर या नर्सिंगकर्मी पहुंच रहा , जबकि कोरोना की पहली लहर के दौरान पूर्व सीएमएचओ डॉ. बी.एल.मीणा ने इस व्यवस्था को बखूबी निभाते हुए कोरोना का सफाया किया था।