विवाद का पर्याय बन रही है इस स्कूल की प्रधानाचार्या

एम एम स्कूल प्रशासन लापरवाह,स्कूल की रसोवड़े में पोषाहार में मुंह मारते हैं कुते बीकानेर। सरकारी नुमाइंदों की लापरवाही का खामियाजा किस तरह स्कूल के बच्चों को उठाना पड़ता है। इसकी बानगी राजकीय मोहता मूलचंद स्कूल के प्रशासकों की कार्यशैली को देखकर ही लगाई जा सकती है। पहले तरणताल में हठधर्मिता की मिशाल पेश कर चुकी प्रधानाचार्य की लापरवाही यहां पढ़ने वाले बच्चों पर भारी पड़ रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने स्कूल प्रबंधन की पोल खोल दी है। इस वीडियो में स्कूल में बनने वाले पोषाहार पर कुत्ते मुंह मार रहे है, और वहीं खाना स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को परोसा जाता है। जो खाना खाने वाले बच्चों के लिए रोगी बना सकता है। इस वीडियों में स्कूल के पोषाहार कक्ष में एक कुत्ता घुसा हुआ और वहां पड़े पोषाहार व पोषाहार बनने वाले बर्तनों पर अपना मुंह मार रहा है। एक जागरूक नागरिक ने स्कूल प्रशासन की लापरवाही व बच्चों के स्वास्थ्य के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को अपने मोबाइल के कैमरे में कैद कर लिया। https://youtu.be/NNWfXr7JAVo विवाद का पर्याय बन रही है एम एम स्कूल कभी शिक्षा और खेलकूद में अपना लोहा मनवा चुकी एम एम स्कूल पिछले एक साल से विवादों का पर्याय बन गई है। एम एम खेल मैदान में बने तरणताल को लेकर भी स्कूल प्रधानाचार्य की हठधर्मिता तैराकों पर खासी भारी पड़ी। राज्य स्तरीय तैराकी प्रतियोगिता से एक माह पहले तरणताल को बंद कर अनेक खिलाड़ियों के साथ कुठाराघात किया। जिससे होनहार तैराक पदक से वंचित हो गए। यही नही अब तरणताल को ठेके पर संचालन पर देने के बाद खिलाड़ियों को किस प्रकार की रियायत नही दी जा रही। मंजर ये है कि तरणताल के हालात दिनों दिन खराब हो रहे हैं। खिलाड़ियों के परिजनों का आरोप हैं कि लाखों की राजस्व इकट्ठा होने के बावजूद भी तरणताल की साफ सफाई व मेंटेनेंस नही किया जा रहा। जब इसकी शिकायत अभिभावकों ने प्रधानाचार्य की तो उन पर ही भड़क गई।
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