राजस्थान में रोजाना औसत 7 करोड़ यूनिट बिजली खपत बढ़ी - Khulasa Online

राजस्थान में रोजाना औसत 7 करोड़ यूनिट बिजली खपत बढ़ी

जयपुर। राजस्थान में बिजली संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में बिजली की डेली खपत बढक़र 27 करोड़ यूनिट प्रतिदिन के पार पहुंच चुकी है। जबकि पिछले साल बिजली की रोजाना औसत खपत 19 करोड़ 90 लाख यूनिट थी। यानी 7 करोड़ 10 लाख यूनिट बिजली की डिमांड पिछले साल के मुकाबले बढ़ी है। शॉर्ट टर्म टेंडरिंग और एक्सचेंज से बिजली की महंगी रेट पर खरीद के बावजूद बिजली की किल्लत हो रही है। 11.15 रुपए यूनिट पर शॉर्ट टर्म टेंडर की अधिकतम रेट और एक्सचेंज से 17 रुपए यूनिट महंगी तक बिजली की खरीदने के बावजूद यह स्थिति है। 20 और 21 अप्रैल के आंकड़े बताते हैं कि बिजली की डिमांड 28 करोड़ 22 लाख यूनिट से ऊपर पहुंच चुकी है। तमाम जतन के बावजूद उपलब्धता 27 करोड़ 9 लाख यूनिट तक हो पा रही है। उसमें भी विद्युत प्रसारण निगम की ओर से बिजली शेड्यूल 26 करोड़ 22 लाख ही की गई। जयपुर डिस्कॉम एरिया में 11 करोड़ 8 लाख यूनिट, जोधपुर डिस्कॉम एरिया में 8 करोड़ 1 लाख यूनिट, अजमेर डिस्कॉम एरिया में 7 करोड़ 57 हजार यूनिट बिजली की खपत हुई है। बिजली की उपलब्धता से ज्यादा डिमांड होने के कारण प्रदेशभर में तीनों बिजली कम्पनियों को लोड शेडिंग कर 2 करोड़ 12 लाख यूनिट बिजली की कटौती करनी पड़ रही है। गांव और कस्बों में बिजली कटौती बिजली की किल्लत का असर सीधे तौर पर बिजली कटौती के रूप में सामने आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक गांव और कस्बों में रोजाना 2 से 4 घंटे तक बिजली अलग-अलग वक्त में गुल हो रही है। यह अघोषित बिजली कटौती है। लोड शेडिंग के नाम पर यह कटौती की जा रही है। तीनों डिस्कॉम कम्पनियां ग्रामीण इलाकों में जमकर बिजली काट रही हैं। जयपुर डिस्कॉम एरिया में 131 फीडर में आधे घंटे से ज्यादा और 82 फीडर में आधे घंटे से कम कटौती जा रही है। अ अजमेर डिस्कॉम एरिया में 120 फीडर में आधा घंटे से ज्यादा और 81 फीडर में आधा घंटे से कम की कटौती हुई है। जोधपुर डिस्कॉम एरिया में 127 फीडर में आधा घंटे से ज्यादा और 79 फीडर में आधा घंटे से कम कटौती की जा रही है। रात 12 से सुबह 5 बजे तक ना के बराबर बिजली कटौती है। लेकिन सुबह 5 से लेकर रात 12 बजे तक अलग-अलग टाइम स्लॉट में फीडर्स पर लोड शेडिंग की जा रही है।
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