खुलासा न्यूज, बीकानेर/ हनुमानगढ़। 12वीं क्लास का सीबीएसई का परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद गुरुवार को पेरेंट्स ने हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय स्थित विरासत विद्यापीठ स्कूल में जम कर हंगामा किया। पेरेंट्स का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने स्टूडेंट्स को अंक देने में पक्षपात किया है। प्रबंधन में शामिल लोगों के जानकार बच्चों को बढ़ा-चढ़ाकर अंक दिए गए। अन्य बच्चों के अंक काट दिए गए। पेरेंट्स ने स्कूल प्रबंधन पर खुलकर पक्षपात के आरोप लगाए। पेरेंट्स का यह कहना है कि उनके बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए अच्छे संस्थानों में प्रवेश नहीं मिल पाएगा। बच्चों का पूरा कैरियर ही दांव पर लग गया है। स्कूल प्रबंधन ने कहा कि सीबीएसई का रिजल्ट मशीन जेनेरेटिड है। इसमें स्कूल की भूमिका बेहद सीमित रही है। अंकों के मॉडरेशन के दौरान ही अंकों में हेरफेर हुआ है।

गौरतलब है कि इस बार सीबीएसई ने 10वीं, 11वीं व 12वीं क्लास के इंटरनल एसेसमेंट के अंकों के आधार पर 12वीं का अंतिम परिणाम घोषित करने की बात कही थी। लेकिन इसमें स्कूल की बोर्ड कक्षाओं के पिछले वर्षों के परिणाम का क्लॉज भी जोड़ दिया गया है। सीबीएसई ने ऐसा इसलिए किया जिससे कोई स्कूल अपने स्टूडेंट्स के परीक्षा परिणाम को अनावश्यक रूप से बढ़ा-चढ़ा कर नहीं दिखा सके। लेकिन इससे स्थितियां पेचीदा हो गयी हैं। स्कूल के रिजल्ट को देखकर स्टूडेंट्स के अंकों का मॉडरेशन किया गया है। इससे कुछ स्टूडेंट्स के अंक बढ़ गए हैं, तो कुछ के कम हो गए हैं।

खास तौर पर ऐसे स्कूलों का रिजल्ट प्रभावित हुआ है। जहां पहली बार 12वीं की बोर्ड परीक्षा होनी थी। स्कूल प्रबंधन के मुताबिक समाधान के तौर पर रिजल्ट से अंसतुष्ट स्टूडेंट वैकल्पिक परीक्षा दे सकते हैं। सीबीएसई ने इसका विकल्प भी दिया है। ऐसे स्टूडेंट्स का रिजल्ट परीक्षा के आधार पर ही तय हो जाएगा। हालांकि कोविड महामारी के दौरान ऐसा संभव नहीं दिखता कि ज्यादा बच्चे परीक्षा में शामिल होंगे। नियमों की मार झेल रहे ऐसे बच्चों को अपने वर्तमान परीक्षा परिणाम से ही संतुष्ट होना होगा।