कोर्ट बिल्डिंग में हादसा होते- होते बचा, गिरा बार रुम का प्लास्टर - Khulasa Online

कोर्ट बिल्डिंग में हादसा होते- होते बचा, गिरा बार रुम का प्लास्टर

बीकानेर। वकीलों के लिए पुराने बार रूम अब जगह जगह से क्षतिग्रस्त होना शुरु हो गया है पता नहीं कब कहां से प्लास्टर गिर जाये । ऐसा ही मामला सामने आया जहां छत का प्लास्टर वकीलों की टेबल के पास गिर पड़ा। गनीमत रही कि 1 मिनट पहले ही वहां से क्लाइंट उठकर गए थे। वरना बड़ा हादसा हो जाता। वकील, क्लाइंट सहित करीब 50 से ज्यादा लोग बार रूम में मौजूद थे और अपना कामकाज कर रहे थे। एकबारगी वहां मौजूद लोगों में हडक़ंप मचा और वे सुरक्षा की दृष्टि से रूम से बाहर निकल गए। प्लॉस्टर एक बेंच पर गिरा। कुछ देर बाद वकील और क्लाइंट सामान्य होकर काम करने लगे, लेकिन उन्हें डर है कि कहीं फिर कहीं दूसरी जगह का प्लास्टर ना गिर पड़े। करीब सो साल पुराने बार रूम संख्या चार की हालत खस्ता है। जर्जर हो चुके बार रूम में सुधार के लिए वकीलों ने कोर्ट मैनेजर और जिला प्रशासन को पूर्व में लिखित में पत्र भी दे रखा है। गौरतलब है कि रियासतकाल में बने पुराने कोर्ट परिसर के लाल पत्थर भी मरम्मत नहीं होने के कारण अक्सर टूटकर नीचे गिरते रहते हैं और हादसे का अंदेशा बना रहता है। बार कौंसिल सदस्य कुलदीप शर्मा ने कहा कि जिला प्रशासन की अनदेखी के कारण इस ऐतिहासिक बिल्डिंग का रखरखाव नहीं हो पा रहा है। कोर्ट मैनेजर अंकुर सहगल को मौका दिखाया है। पूर्व में भी बार रूम और ऐतिहासिक कोर्ट परिसर बिल्डिंग के रख-रखाव और मरम्मत के लिए हाई कोर्ट और जिला प्रशासन को पत्र लिखे गए हैं। इस तरह लगातार प्लास्टर गिरने से बड़े हादसे का अंदेशा बना है। - कमल नारायण पुरोहित, अध्यक्ष, बार एसोसिएशन
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