शिक्षकों की सरकार विरोधी नीतियों के खिलाफ शिक्षक बोलेंगे हल्ला

खुलासा न्यूज, बीकानेर। शिक्षकों की स्थानान्तरण नीति,शिक्षकों पर गैर शैक्षिक कार्यों के भार सहित अनेक मांगों के निस्तारण नहीं होने के विरोध में अब शिक्षकों ने सरकार की नीतियों के विरोध का निर्णय लिया है। जिसके तहत हल्ला बोल रैली निकालकर सरकार को आगाह किया जाएगा। इसकी शुरूआत बीकानेर से 6 दिसम्बर से होगी। राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत की ओर से प्रदेशभर में हल्ला बोल आन्दोलन चलाया जाएगा। प्रदेशाध्यक्ष महावीर सियाग ने बताया कि 6 दिसंबर को शिक्षा मुख्यालय बीकानेर में हल्ला बोल रैली निकाली जाएगी। जिसमें हजारों शिक्षक शामिल होंगे। इससे पहले 29 और 30 नवंबर को प्रत्येक जिले में शिक्षक सम्मेलन होंगे। जिनमें शिक्षकों की मांगों पर चर्चा होगी। सियाग ने बताया कि हम पिछले तीन सालों से देखते आ रहे है कि सरकार बार-बार कह रही है लेकिन शिक्षकों के लिये तबादला नीति अब तक नहीं बनी है। अब तो खुद मुख्यमंत्री के सामने यह बात साफ हो गई कि शिक्षिकों के स्थानान्तरण में बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने बताया कि यह भ्रष्टाचार केवल शिक्षक स्थानान्तरण में नहीं बल्कि विभाग के हर काम में हुआ है। हमारी सरकार से मांग है कि शिक्षक तबादला नीति बने ताकि भ्रष्टाचार खत्म हो सके। इसके अलावा सियाग ने कहा कि शिक्षकों पर गैर शैक्षिक कामों की भरमार है, हर रोज पढ़ाई के अलावा इतने काम थोपे जा रहे है जिससे शिक्षक बच्चों को पढ़ा नहीं पा रहे हैं। शिक्षकों को ऑनलाइन काम इतना दिया जा रहा है जिससे स्कूल में शिक्षा का वातावरण नहीं बन रहा। जिसको लेकर शिक्षकों में आक्रोश व गुस्सा है। सियाग ने कहा कि बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद खाली पड़े है, जिनको भरा जाए और जो आवश्यक पद है उनको बनाया जाए। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू की है जो शिक्षा विरोधी है। इसके अलावा गरीब तबके के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का द्वार बंद कर निजीकरण की ओर ले जाने वाली पॉलिसी है। उन्होंने कहा कि हमारी राजस्थान सरकार से मांग है कि केन्द्र सरकार इस पॉलिसी को राजस्थान में लागू नहीं करें।

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